Qatar की स्टेट सिक्योरिटी सर्विस ने एक बड़े ऑपरेशन में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े दो गिरोहों को गिरफ्तार किया है। इन गिरोहों का मकसद देश की सुरक्षा को खतरे में डालना और सरकारी ठिकानों पर नजर रखना था। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपने सभी इरादों को कबूल कर लिया है।

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गिरफ्तार लोगों का क्या था काम?

इस मामले में कुल 10 लोगों को पकड़ा गया है, जिनकी जिम्मेदारियां अलग-अलग थीं:

  • जासूसी: 7 लोग कतर के सैन्य और महत्वपूर्ण सरकारी ठिकानों की जानकारी जुटा रहे थे।
  • तोड़फोड़: 3 लोगों को ड्रोन के जरिए हमला करने और तोड़फोड़ करने की ट्रेनिंग दी गई थी।

जांच में क्या सबूत मिले?

सुरक्षा एजेंसियों ने जब इन लोगों की तलाशी ली, तो उनके पास से कई संवेदनशील जगहों के लोकेशन और कोऑर्डिनेट्स मिले। इसके अलावा उनके पास बात करने के लिए खास संचार उपकरण और कुछ तकनीकी मशीनें भी बरामद हुई हैं। आरोपियों ने माना कि वे ईरान के IRGC के लिए काम कर रहे थे।

कतर सरकार का आधिकारिक बयान

कतर न्यूज़ एजेंसी (QNA) के मुताबिक, यह कार्रवाई देश की शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए की गई। कतर की काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने ईरान द्वारा किए गए हमलों की निंदा की है। सरकार ने साफ कहा है कि वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार रखता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com