Qatar ने की Strait of Hormuz को लेकर बड़ी मांग, कहा नौवहन की आज़ादी पर राजनीति नहीं होनी चाहिए

Sushma Kumari25 August 20263 min read57 viewsQatar
Qatar ने की Strait of Hormuz को लेकर बड़ी मांग, कहा नौवहन की आज़ादी पर राजनीति नहीं होनी चाहिए

खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच कतर सरकार ने एक बार फिर से अपनी स्थिति साफ कर दी है। कतर के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर यह मांग की है कि Strait of Hormuz की स्थिति को तुरंत पुराने संकट-मुक्त समय जैसा किया जाए। सरकार का साफ कहना है कि समुद्र में जहाजों के आने-जाने की आज़ादी बहुत जरूरी है और इस पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता है। प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman Al Thani ने यह बात दोहराई है कि समुद्री रास्तों को राजनीतिक ब्लैकमेल के लिए बंधक नहीं बनाया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed Al Ansari ने भी यह साफ किया कि इस जलडमरूमध्य को बंद करना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ होगा।

क्षेत्रीय तनाव और ओमान तट पर घटना

यह पूरा घटनाक्रम क्षेत्र में पिछले कुछ समय से चल रही भारी अस्थिरता के बाद सामने आया है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (UKMTO) के मुताबिक, 24 अगस्त 2026 की रात को ओमान के तट के पास एक अज्ञात चीज के टकराने से एक तेल टैंकर खराब हो गया था। हालांकि इस हमले में जहाज के इंजन रूम को नुकसान पहुंचा, लेकिन राहत की बात यह रही कि जहाज पर मौजूद सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं और किसी को चोट नहीं आई है। इस घटना ने समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले और सफर करने वाले लोगों के बीच भी चिंता का माहौल है।

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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता गतिरोध

इस क्षेत्रीय विवाद के पीछे बड़े भू-राजनीतिक कारण जुड़े हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 24 अगस्त 2026 को ईरान के खिलाफ 'इकोनॉमिक डी-डे' ऑपरेशन शुरू करने का ऐलान किया था। इसके साथ ही ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने नए प्रतिबंधों का खुलासा किया, जो ईरानी तेल ले जाने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को निशाना बनाते हैं। अमेरिकी सेना 14 जुलाई 2026 से ही ईरानी बंदरगाहों पर आने-जाने वाले जहाजों पर नौसेना की नाकाबंदी बनाए हुए है और खाड़ी के सहयोगियों के साथ मिलकर जलडमरूमध्य के दक्षिणी लेन में यातायात को नियंत्रित कर रही है।

ईरान की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक कोशिशें

अमेरिका के इन कदमों के जवाब में ईरान भी एक नया कानून ला रहा है, जिसके तहत इस रास्ते से गुजरने वाले कुछ देशों के जहाजों पर फीस लगाई जाएगी। ईरान के शीर्ष वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf ने संकेत दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी नौसेना की नाकाबंदी नहीं हटाता, तब तक यह रास्ता प्रतिबंधित रहेगा। वहीं दूसरी ओर, सुरक्षा प्रमुख Mohsen Rezaei ने चेतावनी दी है कि जो देश अमेरिका के प्रतिबंधों का समर्थन करेंगे, उन्हें दुश्मन माना जाएगा। हालांकि ओमान अभी भी इस रास्ते के प्रबंधन को लेकर तेहरान के साथ लगातार बातचीत कर रहा है। कूटनीतिक स्तर पर तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान की तरफ से भी कोशिशें जारी हैं। फील्ड मार्शल जनरल Asim Munir के नेतृत्व में एक पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ने 25 अगस्त 2026 को तेहरान में अपनी बातचीत पूरी की और पाकिस्तानी आंतरिक मंत्री ने आगे के तनाव को रोकने की दिशा में बड़ी प्रगति होने की बात कही है। दूसरी तरफ संघर्ष का दायरा बढ़ता जा रहा है, और यमन के हूती विद्रोहियों ने 24 अगस्त 2026 को लाल सागर में सऊदी अरब के एक सुपरटैंकर पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया।

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