कतर के विदेश मंत्रालय ने अल-अक्सा मस्जिद परिसर में घुसे इसराइली नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर Itamar Ben-Gvir और वहां के बसने वालों की कड़ी निंदा की है। कतर ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि ऐसी हरकतें पूरे इलाके में तनाव और हिंसा को और बढ़ा सकती हैं।
कतर ने इसराइली कार्रवाई पर क्या बयान दिया?
कतर के विदेश मंत्रालय ने 15 मई 2026 को जारी बयान में कहा कि अल-अक्सा मस्जिद परिसर में घुसना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है। मंत्रालय के मुताबिक यह दुनिया भर के करोड़ों मुस्लिमों की भावनाओं को भड़काने वाली एक अस्वीकार्य हरकत है। इस घटना के दौरान इसराइली सेना और पुलिस ने बसने वालों को सुरक्षा दी और जायरीन के मस्जिद पहुंचने के रास्ते में रुकावटें पैदा कीं।
मस्जिद की स्थिति और फिलिस्तीन पर क्या कहा?
कतर ने स्पष्ट किया कि अल-अक्सा मस्जिद केवल मुस्लिमों के लिए इबादत की जगह है। इसकी ऐतिहासिक और कानूनी स्थिति को बदलने के लिए उठाए गए किसी भी एकतरफा कदम को अंतरराष्ट्रीय कानून में शून्य माना जाएगा। साथ ही कतर ने फिलिस्तीन के मुद्दे पर अपना पुराना समर्थन दोहराया और कहा कि 1967 की सीमाओं के साथ एक स्वतंत्र देश बनना चाहिए, जिसकी राजधानी पूर्वी यरूशलम हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कतर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्या अपील की?
कतर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया है कि वे तुरंत कदम उठाएं और इसराइल को अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावों का पालन करने तथा इन उल्लंघनों को रोकने के लिए मजबूर करें।
इस घटना में मुख्य रूप से कौन शामिल था?
इस घटना में इसराइली नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर Itamar Ben-Gvir और इसराइली बसने वाले शामिल थे, जिन्हें इसराइली पुलिस और सुरक्षा बलों ने संरक्षण दिया था।
