Strait of Hormuz में तनाव बहुत बढ़ गया है. कतर ने अपने एक LNG जहाज Al Rekayyat पर हुए हमले के लिए ईरान को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है. इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है, जिससे समुद्री रास्तों पर सुरक्षा का खतरा बढ़ गया है.

📰: Bahrain Alert: अमेरिका और ईरान के तनाव के बीच बहरीन में बजा खतरे का सायरन, लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर जाने की सलाह

कतर के प्रधानमंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman Al Thani ने गुरुवार को ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से बात की. उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतों से भरोसा टूटता है और अंतरराष्ट्रीय जहाजों के आने-जाने में खतरा पैदा होता है. उन्होंने दोनों देशों से बातचीत के जरिए मामला सुलझाने और पुराने समझौतों को मानने की अपील की है.

इस विवाद के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 9 जुलाई को ईरान के साथ हुआ युद्धविराम खत्म कर दिया. अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले किए. अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की उन हरकतों का जवाब है, जिसमें उसने सऊदी अरब के जहाज Wedyan और लाइबेरिया के जहाज Cyprus Prosperity को निशाना बनाया था.

दूसरी तरफ, ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Qalibaf ने चेतावनी दी है कि Strait of Hormuz तभी खुलेगा जब ईरान की शर्तें मानी जाएंगी. वहीं, ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं.

तनाव इतना बढ़ गया कि 9 जुलाई की सुबह बहरीन, कुवैत और कतर में एयर रेड सायरन बजा दिए गए. कुवैत ने पुष्टि की कि उन्होंने कुछ ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया. International Maritime Organization (IMO) ने इस हमले की निंदा की है और अपील की है कि वहां फंसे करीब 6,000 नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए.

इस बीच, US Navy ने इस इलाके से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरे का स्तर ‘Substantial’ से बढ़ाकर ‘Severe’ कर दिया है. साथ ही, अमेरिकी खजाने विभाग (US Treasury Department) ने 8 जुलाई को ईरान के तेल निर्यात से जुड़ी विशेष छूट (General License X) को भी खत्म कर दिया है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.