लाल सागर में सऊदी अरब के एक जहाज को हूती समूह द्वारा निशाना बनाए जाने की घटना सामने आई है। कतर सरकार ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन बताया है। कतर के विदेश मंत्रालय का मानना है कि इस तरह की हरकतें वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रही हैं।
क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बढ़ा खतरा
कतर के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि इस तरह के हमले क्षेत्र की शांति और स्थिरता को बिगाड़ रहे हैं। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की है कि वह UN Security Council के प्रस्तावों, विशेष रूप से यमन से संबंधित Resolution 2216 और लाल सागर में नौवहन अधिकारों पर Resolution 2722 को सख्ती से लागू करे। कतर के अनुसार समुद्री मार्गों की सुरक्षा 1982 UN Convention on the Law of the Sea के तहत एक बुनियादी अधिकार है।
सऊदी अरब के साथ एकजुटता
कतर ने इस मुश्किल समय में सऊदी अरब के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाई है। कतर ने साफ किया है कि सऊदी अरब की सुरक्षा कतर और पूरे Gulf Cooperation Council (GCC) देशों की सुरक्षा का हिस्सा है। साथ ही कतर ने ओमान द्वारा किए जा रहे उन प्रयासों की सराहना की है, जिनके जरिए सऊदी अरब, यमन के विभिन्न पक्षों और संयुक्त राष्ट्र के दूत के साथ मिलकर राजनीतिक बातचीत को दोबारा शुरू करने की कोशिश की जा रही है ताकि क्षेत्र में स्थिरता लाई जा सके।
