Qatar ने United Nations और सुरक्षा परिषद को आधिकारिक पत्र भेजकर Iran द्वारा Kuwait और Bahrain पर किए गए नए हमलों की कड़ी निंदा की है। 21 जुलाई 2026 को हुई इन घटनाओं को लेकर Doha ने ईरान पर अंतरराष्ट्रीय कानून और देशों की संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। Qatar का कहना है कि ईरान को इन हमलों से हुए नुकसान का पूरा हर्जाना देना चाहिए।
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तनाव कम करने की कोशिशों को झटका
Qatar Ministry of Foreign Affairs ने साफ किया है कि इस तरह के हमले क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के प्रयासों को मुश्किल में डाल रहे हैं। Doha का मानना है कि ईरान की ये हरकतें अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के खिलाफ हैं। Qatar ने अंतरराष्ट्रीय कानून और UN Security Council Resolution 2817 के तहत अपनी सुरक्षा और जवाब देने के अधिकार को बरकरार रखा है। यह प्रस्ताव 11 मार्च 2026 को अपनाया गया था, जिसमें ईरान द्वारा खाड़ी देशों पर किए गए पिछले हमलों की निंदा की गई थी।
प्रवासियों और सुरक्षा पर असर
संयुक्त राष्ट्र में Qatar की स्थायी प्रतिनिधि Sheikha Alya Ahmed bin Saif Al-Thani ने बताया कि प्रस्ताव के बावजूद ईरान के हमले जारी हैं। Iran के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने इन दोनों देशों में अमेरिकी सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाने का दावा किया है। Qatar ने Kuwait और Bahrain के प्रति पूरी एकजुटता दिखाई है। फिलहाल Qatar और Pakistan मिलकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं ताकि स्थिति को सामान्य किया जा सके।
