कतर सरकार ने 16 जुलाई 2026 को जॉर्डन, बहरीन और कुवैत पर ईरान द्वारा किए गए लगातार हमलों की कड़ी निंदा की है। कतर के विदेश मंत्रालय ने इन घटनाओं को अंतरराष्ट्रीय नियमों और देशों की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन करार दिया है। कतर ने साफ तौर पर कहा है कि वह इन देशों की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए हर संभव कदम का समर्थन करता है।
क्षेत्रीय तनाव और हमलों की पूरी जानकारी
यह घटनाक्रम तब हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है। 15 और 16 जुलाई को ईरान ने उन देशों को निशाना बनाया जहां अमेरिका के सैन्य अड्डे मौजूद हैं। जॉर्डन की सेना ने 15 जुलाई को ही ईरान की तीन बैलिस्टिक मिसाइलें हवा में मार गिराई थीं, जबकि बहरीन और कुवैत में भी मिसाइल और ड्रोन हमले की घटनाएं सामने आई हैं।
ईरान और पड़ोसी देशों का रुख
ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उसके हालिया हमलों में 35 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत जैसे देशों ने भी ईरान की इस कार्रवाई को गलत बताया है। कतर ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की अपील की है ताकि क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता बनी रहे।
