ईरान और इराक के बीच चल रहे तनाव का असर पूरे खाड़ी देशों में दिख रहा है। 17 जुलाई 2026 को ईरान ने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन से हमला किया, जिसके बाद कतर के विदेश मंत्रालय ने इसे इराक की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन करार दिया है। कतर ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ बताया और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की है।
हमले की पूरी जानकारी
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा किए गए इन हमलों में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हो गए। ये हमले मुख्य रूप से सुलेमानियाह और जरगवेजाला के पास स्थित ईरानी कुर्द विपक्षी समूहों को निशाना बनाकर किए गए। हमलों का यह सिलसिला पिछले तीन दिनों से जारी है।
खाड़ी देशों पर असर
ईरान की इन हरकतों का असर केवल इराक तक सीमित नहीं रहा। कतर ने बताया कि उसने भी एक मिसाइल हमले को रोका, जिसके मलबे से एक बच्चा घायल हो गया। इसके अलावा, कुवैत के एक बिजली और पानी के प्लांट को नुकसान पहुँचा, जबकि जॉर्डन और बहरीन ने भी अपने ऊपर आने वाली मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार ने भी इन हमलों की निंदा करते हुए इसे क्षेत्र में बढ़ते खतरे का संकेत माना है। कतर ने इराक और कुर्दिस्तान की सुरक्षा के प्रति अपनी पूरी एकजुटता जाहिर की है और विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत पर जोर दिया है।
