ओमान के Salalah पोर्ट पर हुए ईरानी हमले के बाद कतर सरकार ने अपना आधिकारिक बयान जारी किया है। कतर ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बताया है। 12 मार्च 2026 को हुई इस घटना के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। इसका सीधा असर समुद्री व्यापार और सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ता दिख रहा है।

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कतर सरकार का आधिकारिक बयान और कार्रवाई

कतर के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी देश की संपत्ति या बंदरगाह पर हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक कतर ने इस मामले में ओमान का समर्थन किया है और शांति बनाए रखने की अपील की है। हमले के बाद से ही कतर और अन्य पड़ोसी देश स्थिति पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

भारतीय प्रवासियों और समुद्री व्यापार पर असर

ओमान का सलालाह पोर्ट व्यापार के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है और यहाँ बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी भी काम करते हैं। इस हमले के बाद पोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है जिससे वहां काम करने वाले लोगों में चिंता का माहौल है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और व्यापारिक जहाजों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले ताज़ा अपडेट चेक करें। इस तरह की घटनाओं से आने वाले समय में समुद्री रास्तों से होने वाले माल ढुलाई के खर्च में भी बढ़ोतरी हो सकती है।