गजा के लिए मानवीय मदद ले जा रहे ‘ग्लोबल सुमूद फ्लोटिला’ के जहाजों को इसराइल ने अंतरराष्ट्रीय पानी में रोक लिया। इस घटना के बाद कतर के विदेश मंत्रालय ने इसराइल की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। कतर ने मांग की है कि हिरासत में लिए गए सभी कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को बिना किसी शर्त के तुरंत रिहा किया जाए।
इसराइल ने फ्लोटिला को क्यों रोका और कतर का क्या कहना है?
18 मई 2026 को इसराइली सेना ने साइप्रस के पास अंतरराष्ट्रीय समुद्र में उन जहाजों को रोका जो गजा के लिए मदद लेकर जा रहे थे। कतर के विदेश मंत्रालय ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्री सुरक्षा का खुला उल्लंघन बताया। कतर सरकार का कहना है कि इस तरह की हरकतों से गजा की घेराबंदी और सख्त होगी और वहां के आम लोगों के लिए मानवीय संकट और बढ़ जाएगा। कतर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि इसराइल पर दबाव बनाया जाए ताकि सहायता सामग्री के लिए रास्ते खोले जाएं।
पत्रकारों की गिरफ्तारी पर क्या है पूरा विवाद?
इस घटना में कई पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को भी हिरासत में लिया गया है। Committee to Protect Journalists (CPJ) ने इस पर चिंता जताई है और इसराइल से उनकी तुरंत रिहाई की मांग की है। CPJ की क्षेत्रीय निदेशक Sara Qudah ने साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार नागरिक होते हैं और उन्हें अवैध रूप से हिरासत में नहीं रखा जा सकता। अब तक कम से कम सात पत्रकारों की पहचान की गई है जो इसराइल की कैद में हैं। इंडोनेशिया की Tempo Media Group ने भी अपने रिपोर्टर Andre Prasetyo Nugroho की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घटना की क्या प्रतिक्रिया रही?
- इटली की प्रधानमंत्री: Giorgia Meloni ने इसराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री Itamar Ben-Gvir के व्यवहार को अपमानजनक बताया। उन्होंने कहा कि हथकड़ी लगे कार्यकर्ताओं का मजाक उड़ाना मानवीय गरिमा के खिलाफ है।
- अधिकार समूह Adalah: इसराइली राइट्स ग्रुप Adalah ने बताया कि पकड़े गए कार्यकर्ताओं को समुद्र से निकालकर Ashdod बंदरगाह ले जाया गया है।
- कुल संख्या: फ्लोटिला के आयोजकों के मुताबिक 40 से ज्यादा देशों के करीब 428 लोग इस मिशन का हिस्सा थे जिन्हें इसराइल ने पकड़ा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कतर सरकार ने इसराइल से क्या मांग की है?
कतर के विदेश मंत्रालय ने मांग की है कि हिरासत में लिए गए सभी कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को बिना किसी शर्त के तुरंत रिहा किया जाए और गजा के लिए मानवीय सहायता के रास्ते खोले जाएं।
Committee to Protect Journalists (CPJ) का इस मामले में क्या स्टैंड है?
CPJ ने कहा है कि पत्रकारों को नागरिक माना जाता है और उन्हें मनमाने ढंग से हिरासत में लेना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। उन्होंने इसराइल से पत्रकारों की तुरंत रिहाई की मांग की है।
