कतर के विदेश मंत्रालय ने दक्षिणी सीरिया में सैन्य ठिकानों पर हुए इजरायली हमले की कड़ी निंदा की है। 20 मार्च 2026 को जारी एक बयान में कतर ने इसे सीरिया की संप्रभुता और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन बताया है। कतर के साथ-साथ जॉर्डन, मिस्र और तुर्की ने भी इस इजरायली कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया है और इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना है।

कतर ने हमले को लेकर क्या कहा?

कतर के विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि बिना किसी रोक-टोक के इस तरह की लगातार होने वाली कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति गंभीर अनादर को दिखाता है। इससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता बिगड़ने का डर है। कतर ने सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने के लिए अपनी एकजुटता और समर्थन को दोहराया है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन उल्लंघनों को रोकने में विफल रहा है, जिससे संकट और बढ़ रहा है।

अन्य देशों की प्रतिक्रिया और इजरायल का पक्ष

  • Jordan: जॉर्डन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता राजदूत फुआद मजाली ने कहा कि इजरायल की कार्रवाई 1974 के समझौते और UN चार्टर का उल्लंघन है।
  • Egypt: मिस्र ने इजरायली सेना से सभी कब्जे वाले सीरियाई क्षेत्रों से तुरंत बाहर निकलने की मांग की है।
  • Türkiye: तुर्की ने इन हमलों को एक खतरनाक कदम बताते हुए सीरिया की अखंडता पर हमला करार दिया है।
  • IDF: इजरायली सेना का दावा है कि उन्होंने दक्षिणी सीरिया में कमांड सेंटर और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया है।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.