कतर के विदेश मंत्रालय ने सोमवार, 1 जून 2026 को यरूशलेम में अल-अक्सा मस्जिद के अंदर इजरायली चरमपंथियों के जबरन घुसने की घटना पर गहरी नाराजगी जताई है। कतर ने इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इजरायली सुरक्षा बलों के साए में की गई यह हरकत अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है। कतर ने चेतावनी दी है कि ऐसी घटनाओं से पूरे क्षेत्र में तनाव और हिंसा बढ़ सकती है जिससे शांति की कोशिशों को झटका लगेगा।

कतर ने इस घटना को क्यों बताया अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन?

कतर के विदेश मंत्रालय के अनुसार, अल-अक्सा मस्जिद पर इस तरह की हरकतें दुनिया भर के करोड़ों मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली हैं। कतर ने इस बारे में कुछ अहम बातें कही हैं:

  • अल-अक्सा मस्जिद सिर्फ और सिर्फ मुसलमानों के लिए एक पवित्र इबादतगाह है और इस पर किसी अन्य का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता।
  • यरूशलेम और वहां के धार्मिक स्थलों के ऐतिहासिक और कानूनी दर्जे को बदलने की कोई भी एकतरफा कोशिश अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत पूरी तरह से अवैध है।
  • इस तरह की उकसाने वाली घटनाओं से इलाके में शांति बहाल करने और स्थिरता लाने की कोशिशों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।

फिलिस्तीन को लेकर कतर ने क्या मांग रखी है?

कतर ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की है। कतर चाहता है कि दुनिया के देश इजरायल को फिलिस्तीनी लोगों और उनके पवित्र स्थलों के खिलाफ इस तरह की हरकतें रोकने के लिए मजबूर करें। कतर ने फिर से दोहराया कि वह फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों के साथ मजबूती से खड़ा है और 1967 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र फिलिस्तीन देश के निर्माण का समर्थन करता है, जिसकी राजधानी पूर्वी यरूशलेम होगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कतर ने अल-अक्सा मस्जिद की घटना पर क्या चेतावनी दी है?

कतर के विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि अल-अक्सा मस्जिद में इजरायली चरमपंथियों की घुसपैठ और लगातार हो रहे उकसावे से क्षेत्र में हिंसा और तनाव बढ़ सकता है।

कतर ने फिलिस्तीन के लिए किस तरह की सीमा का समर्थन किया है?

कतर ने 1967 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र फिलिस्तीन देश का समर्थन किया है, जिसकी राजधानी पूर्वी यरूशलेम को बनाए जाने की मांग की गई है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.