दमिश्क में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दूतावास और वहां के मिशन प्रमुख के आवास पर हुए हमलों को लेकर कतर ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कतर के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इन हमलों और विरोध प्रदर्शनों की निंदा की है। इस घटना के बाद खाड़ी देशों में सुरक्षा और कूटनीतिक मर्यादा को लेकर चर्चा काफी बढ़ गई है। कतर ने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह की हरकतें अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन हैं और इन्हें किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

दूतावास पर हमले को लेकर कतर ने क्या कहा?

कतर के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को जारी किए गए बयान में दमिश्क में हुई हिंसा पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि राजनयिक परिसरों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून और राजनयिक संबंधों पर वियना कन्वेंशन का खुला उल्लंघन है। कतर ने इस बात पर जोर दिया कि इन घटनाओं को अंजाम देने वालों की जवाबदेही तय होनी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। कतर ने इस संकट की घड़ी में UAE के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाई है और राजनयिकों की सुरक्षा की गारंटी देने की मांग की है।

इस हमले के पीछे की मुख्य वजह और ताजा घटनाक्रम

दमिश्क में यह विरोध प्रदर्शन 3 अप्रैल 2026 को हुआ था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। इस घटना से जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:

तारीख घटना/विवरण
3 अप्रैल 2026 दमिश्क में प्रदर्शनकारियों ने UAE दूतावास को घेरकर हमला किया और झंडा हटाने की कोशिश की।
4-5 अप्रैल 2026 कतर, बहरीन और कुवैत जैसे खाड़ी देशों ने इस हमले की आधिकारिक निंदा की।
वजह प्रदर्शनकारी फिलिस्तीनियों को मौत की सजा से जुड़े इजरायली कानून का विरोध कर रहे थे।
सुरक्षा सीरियाई सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया था।
नियम वियना कन्वेंशन के तहत राजनयिक मिशनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी मेजबान देश की होती है।

सीरिया के विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा कि वे दूतावासों की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर कायम हैं। इस घटना का असर खाड़ी देशों और सीरिया के बीच कूटनीतिक संबंधों पर पड़ सकता है। यूएई ने सीरिया से मांग की है कि वह अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस पूरे मामले की जांच कराए।