लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना (UNIFIL) के ठिकाने पर हुए हमले के बाद तनाव बढ़ गया है। इस हमले में एक सर्बियाई सैनिक की मौत हो गई और दो अन्य सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। कतर ने इस घातक हमले की कड़ी निंदा की है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने की मांग की है। कतर के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की तुरंत जांच करने और दोषियों को सजा दिलाने की बात कही है।
कतर ने हमले को लेकर क्या कहा और क्यों की सख्त कार्रवाई की मांग?
कतर के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। कतर सरकार ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का गंभीर उल्लंघन बताया है। मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि वह UNIFIL के सैनिकों पर होने वाले किसी भी हमले को पूरी तरह खारिज करता है। कतर ने मृत सैनिक के परिवार और सर्बिया, अल साल्वाडोर और स्पेन की सरकारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है।
यूरोपीय संघ और UNIFIL का क्या कहना है?
यूरोपीय संघ की विदेश मामलों की प्रमुख काया कैलास ने बताया कि शांति रक्षक की मौत और लगातार हो रही झड़पें युद्धविराम समझौते की कमजोरी को सामने लाती हैं। यूरोपीय संघ ने लेबनानी सेना को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त 100 मिलियन यूरो की सहायता देने की घोषणा की है। वहीं UNIFIL ने अपने बयान में बताया कि मारजायून के पास मोर्टार शेल गिरने से यह हादसा हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि शांति सैनिकों पर जानबूझकर किए गए हमले युद्ध अपराध माने जा सकते हैं।
पहले भी शांति सैनिकों को बनाया गया है निशाना
लेबनान में शांति सैनिकों पर यह पहला हमला नहीं है। इससे पहले 18 अप्रैल 2026 को एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत हुई थी और मार्च 2026 में इंडोनेशियाई शांति सैनिकों पर हमला किया गया था। कतर हमेशा से ही इन क्षेत्रों में शांति बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की वकालत करता रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लेबनान में हुए हालिया हमले में किस देश के सैनिक की मौत हुई है?
इस हमले में सर्बिया के एक सैनिक की मौत हुई है और अल साल्वाडोर व स्पेन के दो सैनिक घायल हुए हैं।
कतर ने इस हमले पर क्या मांग की है?
कतर ने हमले की तुरंत निष्पक्ष जांच कराने और हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने की मांग की है।
