अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग को खत्म करने के लिए कतर ने एक बड़ी कोशिश की है। रविवार को कतर का एक प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा ताकि दोनों देशों के बीच शांति समझौते को अंतिम रूप दिया जा सके। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif को उम्मीद थी कि आज ही इस समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे।
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क्या होगा इस समझौते में
खबरों के मुताबिक, इस समझौते के तहत अमेरिका ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी खत्म करेगा और Strait of Hormuz को सभी के लिए खोल दिया जाएगा। इसके बाद परमाणु बातचीत शुरू होगी और ईरान की जमी हुई संपत्ति और प्रतिबंधों पर भी चर्चा होगी। राष्ट्रपति Trump ने कहा कि ईरान अब परमाणु हथियार नहीं चाहता और अगर समझौता नहीं हुआ तो उनके पास आखिरी विकल्प मौजूद है।
ईरान की अलग राय
जहां अमेरिका और पाकिस्तान इसे आज पूरा होने की उम्मीद कर रहे थे, वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि साइन करने की तारीख अभी तय नहीं हुई है। उन्होंने साफ किया कि यह काम कल 15 जून तक नहीं होगा, लेकिन आने वाले दिनों में इसकी संभावना है। ईरान की मीडिया Fars news agency ने बताया कि तेहरान अभी इस समझौते के कानूनी और तकनीकी पहलुओं की जांच कर रहा है।
विरोध और तनाव
इस शांति समझौते का ईरान में विरोध भी हो रहा है। Mashhad में विदेश मंत्रालय के दफ्तर के बाहर प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi और चीफ नेगोशिएटर Mohammad Bagher Ghalibaf के खिलाफ नारे लगाए गए। दूसरी तरफ, IRGC की नौसेना ने Strait of Hormuz के पास जहाजों को चेतावनी जारी की है।
झगड़े की शुरुआत और अब तक की स्थिति
- 28 फरवरी 2026: अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद ईरान के साथ युद्ध शुरू हुआ।
- 8 अप्रैल 2026: पाकिस्तान की मदद से युद्धविराम लागू हुआ।
- 22 मई 2026: कतर की टीम पहली बार समझौता कराने तेहरान पहुंची थी।
- 14 जून 2026: कतर का नया प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा।
इसी बीच रविवार को ईरान के चार बड़े बैंकों में साइबर हमला हुआ जिससे सेवाएं बाधित हुईं, हालांकि किसी ग्राहक का डेटा चोरी नहीं हुआ है।