कतर ने ईरान की ओर से किए गए हालिया ड्रोन और मिसाइल हमलों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कतर सरकार ने आधिकारिक तौर पर संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद को जानकारी दी है कि इन हमलों से देश की नागरिक सुविधाओं को काफी नुकसान पहुंचा है। 8 अप्रैल 2026 को कतर ने साफ कर दिया कि ईरान को इन सभी नुकसानों का मुआवजा देना होगा क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन है। इन हमलों ने कतर के नागरिक इलाकों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है जिससे तनाव बढ़ गया है।

ℹ️: RBI का बड़ा फैसला: कच्चे तेल की कीमत $85 तय, कम होगी महंगाई, आम आदमी के लिए राहत की खबर.

कतर ने मुआवजा मांगने का फैसला क्यों लिया?

कतर के अनुसार 2 अप्रैल से 6 अप्रैल 2026 के बीच ईरान की तरफ से लगातार ड्रोन और मिसाइलें दागी गईं। इन हमलों में कतर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अन्य नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने कहा कि ये हमले पूरी तरह से गलत हैं और इनका जवाब दिया जाना जरूरी है। अब कतर ने संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर अपनी शिकायतों को दर्ज कराया है और मांग की है कि ईरान को इस बर्बादी की जिम्मेदारी लेनी होगी। खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए यह सुरक्षा की दृष्टि से एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है।

हमलों और सरकारी कार्रवाई का पूरा ब्योरा

तारीख महत्वपूर्ण घटनाक्रम
28 मार्च – 1 अप्रैल ईरान की ओर से कतर पर शुरुआती हमले दर्ज किए गए
2 अप्रैल कतर ने पहली बार मुआवजे की मांग के लिए UN को पत्र लिखा
6 अप्रैल कतर के प्रधानमंत्री ने ईरानी विदेश मंत्री से बात कर विरोध जताया
8 अप्रैल कतर ने फिर से UN में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई

कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल-थानी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पक्ष द्वारा नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है। खाड़ी में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए ऐसी स्थिति यात्रा और सामान्य जीवन को प्रभावित करती है क्योंकि इसमें हवाई अड्डों को निशाना बनाया गया है। हालांकि 8 अप्रैल को ही अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा हुई है लेकिन कतर अपनी मुआवजे की मांग पर अड़ा हुआ है। ईरान ने भी शांति के लिए अपनी शर्तें रखी हैं जिसमें खुद के लिए मुआवजा और प्रतिबंध हटाना शामिल है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.