कतर सरकार ने उन सभी मीडिया रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि उसने ईरान के साथ किसी बड़े समझौते को फाइनल करने के लिए 12 बिलियन डॉलर यानी भारी-भरकम रकम की पेशकश की है। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल अंसारी ने सोमवार 26 मई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इन दावों को पूरी तरह से बेबुनियाद और झूठा बताया है। सरकार का कहना है कि यह केवल कतर की छवि को खराब करने की एक कोशिश है।
आखिर क्या है 12 बिलियन डॉलर के दावे का पूरा सच?
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल अंसारी ने साफ किया है कि कतर ने ईरान को ऐसी कोई वित्तीय पेशकश नहीं की है। उनके अनुसार, इस तरह की झूठी खबरें कुछ ऐसे तत्वों द्वारा फैलाई जा रही हैं जो मिडिल ईस्ट यानी मध्य पूर्व में शांति के लिए चल रहे राजनयिक प्रयासों को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। कतर लंबे समय से अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव को कम करने और बातचीत का रास्ता साफ करने के लिए एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि यह अफवाह कतर की एक भरोसेमंद अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ के रूप में बनी साख को बिगाड़ने का एक हताश प्रयास है।
कतर और ईरान के बीच असल में क्या चल रहा है?
इस पूरे विवाद के पीछे असल मुद्दा ईरान की रुकी हुई संपत्तियों का है। ईरान अपनी बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए कतर में जमा अपनी 12 बिलियन डॉलर की जमी हुई संपत्तियों को तुरंत जारी करने की मांग कर रहा है। ईरान इस पैसे को बातचीत शुरू करने के लिए पहली जरूरी किस्त मान रहा है। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिकी प्रशासन इन पैसों को जारी करने की प्रक्रिया को ईरान के साथ एक अंतिम और बड़े परमाणु समझौते से जोड़कर देख रहा है। इस तनाव के बीच कतर दोनों देशों के बीच वित्तीय रास्ते आसान करने की कोशिश कर रहा है। हाल ही में ईरान के सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती ने भी कतर का दौरा किया था और इससे पहले कतर का एक दल भी तेहरान गया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या कतर ने ईरान को समझौते के लिए 12 बिलियन डॉलर देने की पेशकश की है?
नहीं, कतर के विदेश मंत्रालय ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और इसे अफवाह बताया है।
ईरान कतर में जमा किस फंड की मांग कर रहा है?
ईरान अपनी जमी हुई 12 बिलियन डॉलर की संपत्तियों को तुरंत जारी करने की मांग कर रहा है, जो कतर में रखी हुई हैं।