कतर सरकार ने उन खबरों का पूरी तरह से खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि उसने ईरान के साथ हमले रोकने का कोई गुप्त समझौता किया है। कतर के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए किसी को पैसे नहीं देता है। यह मामला अप्रैल 2026 में ईरान और कतर के बीच बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है।

क्या कतर ने ईरान को पैसे दिए?

कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने एक टीवी इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि कतर हमला रुकवाने के बदले कोई भुगतान नहीं करता है। उन्होंने बताया कि कतर की सेना ईरानी हमलों को बीच में ही रोकने में कामयाब रही है। सऊदी न्यूज़ के एक ट्वीट में भी इस बात की पुष्टि की गई कि कतर ने ऐसे किसी भी समझौते से इनकार किया है।

ईरान के हमलों पर कतर की क्या प्रतिक्रिया है?

अप्रैल 2026 के दौरान ईरान ने कतर पर कई ड्रोन और मिसाइल हमले किए थे। कतर ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। इस संबंध में कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • कतर ने संयुक्त राष्ट्र (UN) और सुरक्षा परिषद को कई आधिकारिक पत्र भेजे हैं।
  • इन हमलों में मुख्य रूप से नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया था।
  • कतर की सेना ने ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया है।
  • संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत कतर ने आत्मरक्षा के अपने अधिकार पर जोर दिया है।

कूटनीतिक बातचीत और मौजूदा स्थिति

6 अप्रैल 2026 को कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल Thani ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बात की। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संकट को केवल राजनयिक समाधान से ही सुलझाया जा सकता है। उन्होंने ईरान द्वारा क्षेत्र की सुरक्षा की अनदेखी करने और लापरवाह रवैया अपनाने की कड़ी आलोचना भी की।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.