कतर सरकार के इंटरनेशनल मीडिया ऑफिस (IMO) ने उन खबरों का पूरी तरह से खंडन किया है जिनमें दावा किया गया था कि देश के पास पैट्रियट मिसाइलों का भंडार खत्म होने वाला है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि कतर के पास केवल चार दिनों का स्टॉक बचा है, जिसे सरकार ने पूरी तरह से गलत और गैर-जिम्मेदाराना बताया है। सरकार ने साफ किया है कि देश की सुरक्षा के लिए उनके पास पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं और सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

क्या कतर में सुरक्षा को लेकर कोई खतरा है?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि उनकी सेना पूरी तरह से मुस्तैद है और उनके पास मिसाइलों का बड़ा भंडार मौजूद है। हाल ही में हुए हमलों के दौरान कतर की डिफेंस प्रणाली ने अपनी ताकत दिखाते हुए 65 में से 63 मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया था। अधिकारियों का कहना है कि ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट गलत जानकारी पर आधारित थी और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर भी विचार किया जा रहा है। कतर में रहने वाले प्रवासियों और नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि सुरक्षा इंतजाम काफी मजबूत हैं।

प्रवासियों और आम जनता के लिए जरूरी निर्देश

क्षेत्र में मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार और गृह मंत्रालय ने लोगों के लिए कुछ जरूरी नियम जारी किए हैं ताकि सुरक्षा बनी रहे:

  • किसी भी खबर के लिए केवल सरकारी बयानों पर भरोसा करें और सोशल मीडिया की अफवाहों से बचें।
  • अगर मोबाइल पर इमरजेंसी अलर्ट आता है तो तुरंत सुरक्षित स्थानों या अपने घर के अंदर चले जाएं।
  • सुरक्षा कारणों से सड़क पर गिरे किसी भी मलबे या अनजान वस्तु की फोटो या वीडियो न बनाएं।
  • एहतियात के तौर पर अभी कुछ स्कूल और सरकारी दफ्तर ऑनलाइन मोड पर काम कर रहे हैं।

कतर में काम करने वाले लाखों भारतीयों के लिए यह खबर राहत देने वाली है क्योंकि सरकार ने सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। कतर की डिफेंस फोर्स लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अल उदेद एयर बेस सहित सभी मुख्य स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.