कतर सरकार ने ईरान के पुनर्निर्माण के लिए फंड देने की खबरों को पूरी तरह गलत बताया है। कतर के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर साफ किया है कि अब तक ईरान के लिए किसी भी तरह के पैसे का इंतजाम या भुगतान नहीं किया गया है। यह बयान तब आया जब ऐसी खबरें चल रही थीं कि खाड़ी देश मिलकर ईरान के लिए 300 अरब डॉलर का फंड देंगे।

इस मामले पर अमेरिका का रुख भी साफ हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सार्वजनिक तौर पर इस बात से इनकार किया कि अमेरिका ईरान में कोई पैसा निवेश करेगा। उन्होंने इन दावों को केवल एक अफवाह बताया। वहीं उपराष्ट्रपति JD Vance ने स्पष्ट किया कि अगर ईरान के पुनर्निर्माण के लिए कोई फंड दिया गया, तो वह क्षेत्रीय सहयोगियों की तरफ से होगा, न कि अमेरिकी टैक्सपेयर्स का। यह पैसा भी तभी दिया जाएगा जब ईरान समझौते की अपनी शर्तों को पूरा करेगा।

दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने बताया कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच नई बातचीत इस शुक्रवार को Switzerland में शुरू होगी। यहाँ एक समझौते (MoU) पर औपचारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस समझौते का डिजिटल साइन 14 जून 2026 को हो चुका है और 19 जून को Geneva में इसका फिजिकल साइनिंग होना तय है। इस डील में युद्ध विराम, Strait of Hormuz को फिर से खोलना और ईरान को आर्थिक लाभ देने जैसी बातें शामिल हैं।

ईरान ने कतर में जमा अपनी 12 अरब डॉलर की संपत्ति को तुरंत रिलीज करने की मांग की थी। लेकिन कतर ने यह पैसा नकद देने से मना कर दिया है। कतर ने प्रस्ताव दिया है कि वह इस रकम को क्रेडिट के तौर पर देगा, जिससे ईरान कतर से अपनी जरूरत का जरूरी सामान खरीद सकेगा।

ईरान के विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि लेबनान में युद्ध का खत्म होना और वहां से इजराइली सेना का पीछे हटना इस पूरे समझौते का एक अहम हिस्सा है। शुक्रवार को होने वाली बातचीत में परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों में ढील देने पर भी चर्चा होगी।

Aanya

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