कतर सरकार ने इजरायली मीडिया की उन रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि कतर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में शामिल होने के लिए सहमत हो गया है। कतर के इंटरनेशनल मीडिया ऑफिस ने गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि ये दावे पूरी तरह से आधारहीन हैं और इनका मकसद केवल कतर को क्षेत्रीय संघर्ष में घसीटना है। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि कतर ने कभी भी किसी पड़ोसी देश के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में हिस्सा नहीं लिया है और न ही भविष्य में ऐसा कोई कदम उठाएगा।
🗞️: Dubai: Downtown में धमाकों की खबर को सरकार ने बताया झूठा, कहा सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर करें भरोसा.।
क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियां
यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। 15 जुलाई और 16 जुलाई की सुबह, अमेरिकी CENTCOM ने ईरान के कमांड सेंटर, एयर डिफेंस साइट्स और मिसाइल ठिकानों पर हमले किए। वहीं, ईरान की ओर से भी खाड़ी के कई देशों को निशाना बनाने की खबरें आई हैं। ईरान ने कुवैत के Ali Al Salem Air Base पर हमला करने और वहां के रडार सिस्टम को निशाना बनाने का दावा किया है।
कुवैत की सेना ने ईरानी ड्रोन हमलों को बीच हवा में ही रोकने का काम किया है। इसके अलावा, बहरीन में भी खतरे के सायरन सुनाई दिए और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। सऊदी अरब ने इन हमलों की निंदा करते हुए बातचीत के जरिए शांति बहाली की अपील की है। फिलहाल, Bab el Mandeb Strait में भी खतरा बना हुआ है, जहां ईरान के इशारे पर हूतियों ने इसे बंद करने की धमकी दी है। अमेरिका की ओर से समुद्री नाकेबंदी के कारण Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भी भारी गिरावट देखी गई है।
