Qatar ने इसराइल की उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है जिनमें कहा गया था कि वह हमास के साथ अपने रिश्तों पर फिर से विचार कर रहा है। Qatar के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि वह इसराइल और हमास के बीच शांति कराने की अपनी कोशिशें जारी रखेगा। इसके लिए वह Egypt और Turkey जैसे पार्टनर्स के साथ मिलकर काम कर रहा है।
Qatar ने इसराइल की खबरों को क्यों नकारा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed Al-Ansari ने मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि इसराइल की खबरें बिल्कुल बेबुनियाद हैं। उन्होंने साफ किया कि Qatar अपनी मध्यस्थता की भूमिका को जल्द खत्म करने का कोई इरादा नहीं रखता है। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि Qatar और क्षेत्रीय मामलों के बारे में अक्सर गलत जानकारी फैलाई जाती रही है और यह पुराना सिलसिला है।
ईरान और अमेरिका के विवाद पर Qatar का क्या स्टैंड है?
Majed Al-Ansari ने बताया कि Gulf Cooperation Council (GCC) ईरान के साथ तनाव बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि GCC देशों को अमेरिका और इसराइल के ईरान विवाद में राजनीतिक मोहरा नहीं बनाया जाएगा। इसके साथ ही, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को रोकने और तनाव कम करने के लिए Qatar, Pakistan के साथ तालमेल बिठा रहा है।
क्षेत्रीय विवादों और Strait of Hormuz पर क्या कहा गया?
Qatar ने अपनी बात दोहराई कि सभी क्षेत्रीय विवादों को केवल बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए ही सुलझाया जाना चाहिए। सरकार ने Strait of Hormuz को तुरंत खोलने की मांग की है और कहा है कि इसे दबाव बनाने के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना गलत है। Doha एक ऐसे समझौते का समर्थन करता है जिससे पूरा विवाद खत्म हो, जबकि ईरान Strait of Hormuz और परमाणु बातचीत को अलग-अलग रखना चाहता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या Qatar हमास के साथ बातचीत बंद कर रहा है?
नहीं, Qatar के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वह इसराइल और हमास के बीच मध्यस्थता की अपनी भूमिका जारी रखेगा और ऐसी खबरें बेबुनियाद हैं।
Strait of Hormuz को लेकर Qatar की क्या मांग है?
Qatar ने मांग की है कि Strait of Hormuz को तुरंत दोबारा खोला जाए क्योंकि इसे दबाव बनाने के टूल की तरह इस्तेमाल करना सही नहीं है।