कतर ने ईरान के पायलटों को बंधक बनाने के दावों को किया खारिज, मार्च 2026 की घटना पर दी सफाई.

कतर ने ईरान की तरफ से लगाए गए उन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें ईरानी पायलटों को बंधक बनाने की बात कही गई थी। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. माजिद बिन मोहम्मद अल-अंसरी ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को यह साफ किया कि कतई सेना ने नियमों के दायरे में रहकर ही कार्रवाई की थी। उन्होंने बताया कि ईरानी विमानों ने मार्च 2026 के दौरान कतर के एयरस्पेस का उल्लंघन किया था और देश की संप्रभुता के लिए खतरा पैदा किया था, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया था।
ईरान के दावों पर कतर का कड़ा रुख
ईरान के आर्म्ड फोर्सेस जनरल स्टाफ की तरफ से यह दावा किया गया था कि उनके तीन पायलट, जिनका नाम जावेद सालेही, अब्दोलमजीद दश्तियान और ओमरान बेहरावेशियान है, उन्हें कतर ने युद्ध बंदी के रूप में पकड़ रखा है। कतरी प्रवक्ता ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद और तार्किक रूप से गलत बताया है। कतर ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने पहले ही एक चौथे पायलट माजिद काज़मी के अवशेषों को बरामद कर लिया था और उन्हें ईरानी अधिकारियों को सौंप दिया था। अप्रैल 2026 से ही कतर लगातार यह कह रहा है कि ईरान की एक तकनीकी टीम आकर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन की खुद जांच कर ले, लेकिन तेहरान की तरफ से अभी तक इस पर कोई जवाब नहीं दिया गया है।
रेड क्रॉस के दखल की मांग को बताया पब्लिसिटी स्टंट
ईरान के आर्म्ड फोर्सेस जनरल स्टाफ की मिसिंग पर्सनल कमेटी के कमांडर मोहम्मद बाघरजादेह ने इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस (ICRC) से इस मामले में दखल देने की अपील की थी। कतरी प्रवक्ता ने इस मांग को भी खारिज करते हुए इसे केवल अपने देश के लोगों को दिखाने के लिए एक मीडिया का ड्रामा बताया है। ईरान लगातार यह बात दोहरा रहा है कि उनके जो विमान गिराए गए थे, वे कतर में मौजूद अमेरिकी अल उदीद एयर बेस को निशाना बनाने के एक कॉम्बैट मिशन पर निकले थे।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज समझौते का इंतजार
इस बीच कूटनीतिक मोर्चे पर एक और बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ मध्यस्थ देश इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा को लेकर कोई आपसी समझौता तय हो जाए। ईरान और ओमान अभी ट्रांजिट प्रोटोकॉल को लेकर एक साझा बयान को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, लेकिन वहां का माहौल अभी भी तनावपूर्ण बना हुआ है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को यह दावा किया कि अब यह जलडमरूमध्य अमेरिकी क्षेत्र बन चुका है और ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी अभी भी जारी है। कतरी अधिकारियों का ऐसा मानना है कि जब तक इस समुद्री रास्ते को लेकर कोई पक्का समझौता नहीं हो जाता, तब तक वाशिंगटन और तेहरान के बीच आगे की बड़ी बातचीत शुरू होना संभव नहीं है, खासकर तब जब अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते की 60 दिन की समय सीमा बिना किसी विस्तार के समाप्त हो चुकी है।