काहिरा में रविवार, 7 जून 2026 को मिस्र और कतर के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई। मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलअत्ती और कतर के प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने मुलाकात कर क्षेत्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तार से चर्चा की। दोनों नेताओं ने गाजा में शांति बहाली और अमेरिका-ईरान वार्ता जैसे संवेदनशील मुद्दों पर एक साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है।
गाजा में शांति के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के प्लान पर चर्चा
दोनों देशों के मंत्रियों ने फिलिस्तीन मुद्दे पर बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप की योजना के पहले चरण को लागू करने पर जोर दिया। इस योजना में गाजा के लोगों तक मानवीय सहायता पहुंचाना, बुनियादी ढांचे और अस्पतालों को फिर से ठीक करना, और गाजा से इजरायली सैनिकों की धीरे-धीरे वापसी शामिल है। इसके अलावा, गाजा के प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय समिति को काम सौंपने और संघर्ष विराम की निगरानी के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की तैनाती पर भी सहमति व्यक्त की गई। मिस्र और कतर का मुख्य उद्देश्य फिलिस्तीनी लोगों को उनके अधिकार दिलाना और 4 जून 1967 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना करना है।
अमेरिका-ईरान वार्ता और क्षेत्रीय सुरक्षा पर जोर
मिस्र के विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता राजदूत तमीम खलाफ ने बैठक के बारे में आधिकारिक जानकारी साझा की है। बैठक के दौरान मंत्रियों ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पर भी अपनी राय रखी। दोनों नेताओं ने कहा कि क्षेत्र में तनाव को कम करने और सुरक्षा व स्थिरता बहाल करने के लिए कूटनीतिक बातचीत ही एकमात्र रास्ता है। मिस्र और कतर ने फैसला किया है कि वे अरब देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा और अपने साझा हितों की रक्षा के लिए आपस में लगातार तालमेल बनाए रखेंगे।
काहिरा में चल रही है बड़ी शांति वार्ता
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब काहिरा में फिलिस्तीनी गुटों और मिस्र, कतर, व तुर्की के मध्यस्थों के बीच गाजा संघर्ष विराम समझौते के अगले चरण को लेकर गंभीर बातचीत चल रही है। कतर और मिस्र इस पूरे मामले में मुख्य मध्यस्थ के रूप में काम कर रहे हैं ताकि क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति स्थापित की जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मिस्र और कतर के बीच हुई बैठक में मुख्य एजेंडा क्या था?
इस बैठक में मुख्य रूप से गाजा संघर्ष विराम के लिए ट्रंप प्लान के पहले चरण को लागू करने, गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाने, इजरायली सैनिकों की वापसी और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर चर्चा की गई।
फिलिस्तीन के मुद्दे पर दोनों देशों का क्या रुख है?
दोनों देशों ने 4 जून 1967 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना करने और फिलिस्तीनियों को आत्मनिर्णय का अधिकार देने का पूरा समर्थन किया है।
