कतर एनर्जी के CEO साद अल-काबी ने अमेरिका को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों के नतीजे बहुत बुरे होंगे। उन्होंने बताया कि हाल ही में कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी (Ras Laffan Industrial City) पर हुए हमलों ने देश की गैस निर्यात क्षमता को 17% तक कम कर दिया है। अल-काबी का कहना है कि उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों और बड़ी ऊर्जा कंपनियों को इस खतरे के बारे में लगभग हर दिन आगाह किया था, लेकिन उनकी चेतावनियों के बावजूद स्थिति बिगड़ती चली गई।

हमले से कतर की अर्थव्यवस्था और सप्लाई पर क्या असर पड़ा?

ईरानी मिसाइल हमलों के कारण कतर के प्राकृतिक गैस संयंत्रों को भारी नुकसान पहुंचा है। साद अल-काबी ने पुष्टि की है कि इस नुकसान की भरपाई करने और यूरोप व एशिया को होने वाली LNG शिपमेंट को सामान्य करने में 5 साल तक का समय लग सकता है। कतर को इस हमले के कारण सालाना 20 बिलियन डॉलर (लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपये) के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है। इसके अलावा कतर के महत्वपूर्ण नॉर्थ फील्ड विस्तार प्रोजेक्ट में भी एक साल से ज्यादा की देरी हो सकती है। हालांकि, कतर एनर्जी ने 24 घंटे के भीतर 10,000 कर्मचारियों को सुरक्षित निकालकर किसी भी जनहानि को रोक लिया।

क्षेत्र में बढ़ते तनाव और मुख्य घटनाओं का ब्योरा

तारीख घटनाक्रम
18 मार्च 2026 इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया
19 मार्च 2026 ईरान ने जवाबी कार्रवाई में कतर के LNG ठिकानों को निशाना बनाया
20 मार्च 2026 कतर एनर्जी के CEO ने नुकसान और आर्थिक घाटे का विवरण साझा किया
20 मार्च 2026 ईरानी विदेश मंत्री ने भविष्य में कड़ी जवाबी कार्रवाई की धमकी दी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि अगर ईरान ने दोबारा कतर के LNG ठिकानों पर हमला किया, तो अमेरिका उसके साउथ पार्स गैस फील्ड को पूरी तरह तबाह कर देगा। वहीं व्हाइट हाउस ने स्वीकार किया कि उन्हें ऑपरेशन्स के दौरान तेल और गैस की सप्लाई में अस्थायी बाधाओं की उम्मीद पहले से थी। कतर के प्रधानमंत्री ने भी स्पष्ट किया कि ईरान के ये हमले केवल अमेरिकी हितों को नहीं बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को 10 से 20 साल पीछे धकेलने वाले हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.