Qatar Energy ने LNG की सप्लाई को लेकर बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने यूरोप और एशिया के कुछ देशों के लिए force majeure यानी काम न कर पाने की स्थिति को अक्टूबर 2026 के मध्य तक बढ़ा दिया है। इस फैसले के बाद ग्लोबल मार्केट में गैस की किल्लत बढ़ सकती है, जिससे आम लोगों की जेब पर भी असर पड़ने की उम्मीद है।

क्या है पूरा मामला

यह मामला मार्च 2026 में शुरू हुआ था, जब Qatar Energy ने पहली बार सप्लाई में बाधा की घोषणा की थी। इसका असर इटली की कंपनी Edison, बेल्जियम की EDF Trading, और भारत सहित South Korea, Bangladesh जैसे देशों पर पड़ रहा है। कंपनी का कहना है कि ईरान के साथ जारी तनाव की वजह से Strait of Hormuz के रास्ते शिपिंग प्रभावित हुई है। इस रूट से दुनिया भर की करीब 20% LNG सप्लाई होती है, जो फिलहाल धीमी हो गई है।

सप्लाई पर संकट और चिंता

सप्लाई रुकने से ग्लोबल मार्केट में गैस के दाम बढ़ने की संभावना है। Bangladesh के सरकारी संस्थान Petrobangla ने भी गैस की किल्लत और अनिश्चितता पर चिंता जताई है। अब इन देशों को महंगी spot market से गैस खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। फिलहाल, यूरोप और एशिया के देश सर्दियों के लिए गैस स्टॉक करने की कोशिश में हैं, जिससे आने वाले समय में बाजार पर दबाव और बढ़ेगा।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.