कतर की सरकारी तेल और गैस कंपनी QatarEnergy ने इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन को दी जाने वाली गैस सप्लाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर इन देशों के साथ लंबी अवधि के गैस समझौतों के लिए ‘फोर्स मेज्योर’ (Force Majeure) की घोषणा की है। इस फैसले के पीछे मुख्य वजह कतर के मुख्य ऊर्जा केंद्रों पर हुए सैन्य हमले हैं। कंपनी के सीईओ Saad Sherida Al-Kaabi के मुताबिक, गैस उत्पादन की क्षमता को फिर से शुरू करने में 3 से 5 साल का समय लग सकता है।

📰: US President Donald Trump का ईरान के साथ समझौते पर बड़ा बयान, 5 दिन के लिए टाले गए हमले

गैस प्लांट पर हुए हमलों से जुड़ी अहम जानकारी

कतर के औद्योगिक क्षेत्रों में हुए हमलों की वजह से गैस उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है। इसके बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी नीचे दी गई है:

  • मार्च 2026 की शुरुआत में कतर के Ras Laffan और Mesaieed इंडस्ट्रियल सिटी में सैन्य हमले हुए थे।
  • 18 और 19 मार्च को दोबारा हुए मिसाइल हमलों ने गैस उत्पादन वाली यूनिट 4 और 6 को भारी नुकसान पहुंचाया है।
  • इन हमलों की वजह से कतर की गैस निर्यात क्षमता में 17 प्रतिशत की गिरावट आई है।
  • कतर सरकार के अनुसार इन हमलों में किसी की जान नहीं गई है, लेकिन मशीनों को बहुत नुकसान हुआ है।
  • इस पूरे संकट की वजह से कतर को हर साल लगभग 20 बिलियन डॉलर की कमाई का नुकसान होगा।

इन देशों और प्रवासियों पर पड़ेगा सीधा असर

गैस सप्लाई रुकने का सबसे बड़ा असर चीन, इटली और दक्षिण कोरिया जैसे देशों पर पड़ेगा जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए कतर पर निर्भर हैं। कतर ने ExxonMobil और Shell जैसी बड़ी कंपनियों के साथ मिलकर बनाए गए प्लांट्स पर भी इस असर की पुष्टि की है।

प्रभावित देश सालाना निर्यात में कमी मरम्मत में लगने वाला समय
इटली, चीन, बेल्जियम, द. कोरिया 12.8 मिलियन टन 3 से 5 साल

कतर में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी ऊर्जा और निर्माण क्षेत्र में काम करते हैं। गैस उत्पादन ठप होने और अरबों डॉलर के नुकसान से वहां की इकोनॉमी और नौकरियों के बाजार पर भी दबाव देखने को मिल सकता है। Edison, Total, RWE और ENI जैसी बड़ी यूरोपीय कंपनियों को भी इस बारे में अलर्ट कर दिया गया है। फिलहाल कानूनी विशेषज्ञ यह देख रहे हैं कि युद्ध की स्थिति में कॉन्ट्रैक्ट के नियम किस तरह से लागू होंगे।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.