दुनिया भर में गैस सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, QatarEnergy अपनी लिक्विड नेचुरल गैस (LNG) शिपमेंट पर लगाई गई force majeure की समय सीमा को बढ़ाकर अक्टूबर के मध्य तक करने की तैयारी कर रही है। यह जानकारी जुलाई 2026 में सामने आई है। इस फैसले से ग्लोबल गैस मार्केट पर असर पड़ने की उम्मीद है क्योंकि पहले से ही सप्लाई में दिक्कतें चल रही हैं।
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सप्लाई में बाधा का कारण
यह समस्या मार्च 2026 में ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों के बाद शुरू हुई थी। इन हमलों ने कतर के Ras Laffan Industrial City में स्थित दो मुख्य LNG ट्रेनों, S4 और S6 को काफी नुकसान पहुँचाया था। इससे कतर की कुल एक्सपोर्ट क्षमता का लगभग 17% यानी 12.8 मिलियन टन प्रति वर्ष प्रभावित हुआ है। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से भी गैस सप्लाई में रुकावट आ रही है।
कंपनियों और रेवेन्यू पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्षतिग्रस्त फैसिलिटी को ठीक करने में तीन से पांच साल का समय लग सकता है, जिससे कतर को सालाना करीब 20 बिलियन डॉलर के राजस्व का नुकसान हो सकता है। QatarEnergy के मंत्री और सीईओ H.E. Saad Sherida Al-Kaabi ने पहले ही संकेत दिया था कि कुछ लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट्स पर पांच साल तक के लिए यह स्थिति बनी रह सकती है। इसका सीधा असर इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों की कंपनियों पर पड़ा है, जिनमें इटली की कंपनी Edison और Exxon Mobil Corporation भी शामिल हैं।
