कतर की सरकारी तेल और गैस कंपनी QatarEnergy ने पुष्टि की है कि हाल ही में हुए मिसाइल हमलों में उनके दो बड़े LNG उत्पादन यूनिट और एक GTL फैसिलिटी को भारी नुकसान पहुंचा है। कंपनी के CEO साद शेरिदा अल-काबी ने बताया कि इस नुकसान की भरपाई में तीन से पांच साल का समय लग सकता है। इस हमले के कारण कतर के सालाना LNG निर्यात में लगभग 17% की गिरावट आने का अनुमान है, जिसका सीधा असर ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर पड़ेगा।

सप्लाई में कितनी कमी आएगी और किन देशों पर पड़ेगा असर?

हमलों के बाद कतर को हर साल 12.8 मिलियन टन LNG का नुकसान होगा। QatarEnergy ने संकेत दिए हैं कि वे इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों के साथ किए गए लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट पर ‘फोर्स मेजर’ (सप्लाई रोकने का कानूनी प्रावधान) लागू कर सकते हैं। दक्षिण कोरिया अपनी जरूरत की 25% से 30% गैस कतर से ही आयात करता है, जिससे वहां ऊर्जा संकट गहरा सकता है।

उत्पादन और कमाई में होने वाले नुकसान का पूरा ब्यौरा

CEO के बयान के अनुसार, इन तीन प्रभावित फैसिलिटी से होने वाले राजस्व में सालाना $20 अरब की कमी आएगी। इन यूनिट्स को बनाने में लगभग $26 अरब का खर्च आया था। LNG के अलावा अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर भी बुरा असर पड़ेगा।

उत्पाद (Product) निर्यात में कमी (Decrease %)
Condensate 24%
LPG 13%
Helium 14%
Naphtha और Sulfur 6% (प्रत्येक)

यह हमले 18 और 19 मार्च 2026 को हुए थे। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्राकृतिक गैस की कीमतों में 35% और तेल की कीमतों में 10% तक का उछाल देखा गया है। ExxonMobil और Shell जैसी बड़ी कंपनियां भी इन प्रोजेक्ट्स में कतर की पार्टनर हैं और उनके उत्पादन पर भी रोक लग गई है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.