कतर एनर्जी के CEO साद अल-काबी ने बताया कि रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए हमले के कारण नॉर्थ फील्ड गैस विस्तार प्रोजेक्ट को काफी नुकसान पहुंचा है। इस हमले के बाद कंपनी ने कई देशों के साथ किए गए अपने लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट पर फोर्स मेज्योर लागू कर दिया है। हमले की वजह से कतर की गैस निर्यात क्षमता में भारी गिरावट दर्ज की गई है जिससे वैश्विक बाजार में गैस की कीमतों में उछाल आया है।

हमले से हुआ भारी नुकसान और मरम्मत का खर्च

रास लफान में हुए हमले ने कतर के गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को हिलाकर रख दिया है। इस हमले में कतर के 14 एलएनजी ट्रेनों में से दो और एक जीटीएल सुविधा को भारी नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों के मुताबिक इस नुकसान को पूरी तरह ठीक करने में सालों का समय लगेगा और इससे कतर की सालाना आय पर भी बुरा असर पड़ेगा।

नुकसान का प्रकार विवरण
कुल निर्यात क्षमता में कमी 17 प्रतिशत (12.8 मिलियन टन)
सालाना राजस्व का नुकसान 20 अरब डॉलर
मरम्मत का अनुमानित खर्च 26 अरब डॉलर
मरम्मत में लगने वाला समय 3 से 5 साल
प्रभावित उत्पाद एलपीजी, हीलियम और सल्फर

वैश्विक बाजार और विस्तार प्रोजेक्ट पर असर

नॉर्थ फील्ड ईस्ट विस्तार प्रोजेक्ट जो कतर की गैस क्षमता बढ़ाने के लिए बनाया जा रहा था, उस पर फिलहाल काम रोक दिया गया है। कंपनी के CEO ने साफ किया है कि जब तक क्षेत्र में तनाव कम नहीं होता, तब तक उत्पादन फिर से शुरू करना मुमकिन नहीं है। इस प्रोजेक्ट के अब साल 2026 की समय सीमा से एक साल और आगे बढ़ने की आशंका है।

  • इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन को होने वाली सप्लाई प्रभावित हुई है।
  • यूरोप में गैस की कीमतें 63.75 यूरो प्रति मेगावाट-घंटे तक पहुंच गई हैं।
  • कतर दुनिया के कुल गैस निर्यात का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा सप्लाई करता है।
  • एशियाई देशों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ने वाला है क्योंकि वे कतर के बड़े खरीदार हैं।
  • ExxonMobil और Shell जैसी दिग्गज कंपनियां इस प्रोजेक्ट में कतर की पार्टनर हैं।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.