कतर सरकार ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा कदम उठाया है। 18 मार्च 2026 को कतर के विदेश मंत्रालय ने ईरानी दूतावास के सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को ‘Persona Non Grata’ घोषित कर दिया है। इसका सीधा मतलब है कि अब इन अधिकारियों को कतर में रहने की अनुमति नहीं है और उन्हें महज 24 घंटे के भीतर देश छोड़ना होगा। यह फैसला कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हुए मिसाइल हमले के बाद लिया गया है।

कतर ने ईरानी अधिकारियों पर क्यों लिया इतना सख्त एक्शन?

कतर के अनुसार ईरान ने उसके एक बड़े नेचुरल गैस प्लांट पर मिसाइलों से हमला किया है। कतर के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। मंत्रालय का कहना है कि ईरान ऐसी नीतियां अपना रहा है जिससे क्षेत्र में हिंसा बढ़ रही है और शांति को खतरा पैदा हो रहा है। इसके अलावा कतर के अधिकारियों ने ईरान पर नागरिक इलाकों को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया है।

जानिए क्या है आदेश के मुख्य बिंदु और नियम

  • ईरानी दूतावास के सैन्य और सुरक्षा विभाग के सभी स्टाफ को तुरंत कतर छोड़ना होगा।
  • वियना कन्वेंशन के आर्टिकल 9 के तहत कतर ने इन अधिकारियों को ‘अवांछित व्यक्ति’ घोषित किया है।
  • 24 घंटे की समय सीमा खत्म होने के बाद इन अधिकारियों को मिली राजनयिक छूट खत्म हो सकती है।
  • कतर के विदेश मंत्रालय के प्रोटोकॉल विभाग के निदेशक इब्राहिम यूसुफ फखरो ने ईरानी राजदूत को यह आधिकारिक नोटिस सौंपा है।

कतर के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि ईरान के साथ बातचीत तभी संभव है जब वह अपने हमले पूरी तरह बंद कर दे। कतर ने अपनी सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार भी सुरक्षित रखा है। इस घटना से खाड़ी देशों और ईरान के बीच तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.