मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कतर के गैस प्लांट पर बड़े हमले की खबर आई है। 19 मार्च 2026 को ईरान ने कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइलों से हमला किया, जिसके बाद यूरोप में गैस की कीमतों में 35% तक का बड़ा उछाल देखा गया। यह हमला 18 मार्च को इजरायल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर किए गए हमले के जवाब में बताया जा रहा है। कतर एनर्जी ने पुष्टि की है कि हमले की वजह से प्लांट में काफी नुकसान हुआ है और आग लग गई है।

हमले से गैस सप्लाई और बाजार पर क्या असर पड़ा?

ईरान के इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों ने पिछले तीन सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यूरोप में गैस की कीमतों के लिए इस्तेमाल होने वाले डच टीटीएफ बेंचमार्क में 24 से 35 प्रतिशत तक की तेजी आई है। कतर दुनिया की एलएनजी सप्लाई का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा कवर करता है, इसलिए यहां होने वाली किसी भी रुकावट का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर युद्ध जारी रहा तो गैस की कीमतें 100 यूरो प्रति यूनिट के पार जा सकती हैं।

नुकसान और आधिकारिक बयानों की पूरी जानकारी

कतर के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों ने रास लफान को निशाना बनाया, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो गया है। इस हमले में हुए मुख्य नुकसान और घटनाओं की सूची नीचे दी गई है:

प्रभावित क्षेत्र/संस्था नुकसान का विवरण
Ras Laffan Industrial City भारी क्षति और बड़े पैमाने पर आग लगने की घटना
QatarEnergy सरकारी कंपनी के प्लांट को सीधा नुकसान
Shell Pearl GTL शेल कंपनी के गैस-टू-लिक्विड प्लांट को भी क्षति पहुँची
European Markets गैस की कीमतें 2022 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुँचीं
Strait of Hormuz होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंका बढ़ी

वैश्विक नेताओं की प्रतिक्रिया और संभावित असर

इस घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर कतर के गैस ठिकानों पर हमले नहीं रुके, तो अमेरिका ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड को पूरी तरह तबाह कर देगा। अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घीत ने भी ईरान के इस कदम की कड़ी निंदा की है और इसे खतरनाक बताया है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि कतर को अपनी सप्लाई सामान्य करने में हफ्तों से लेकर महीनों तक का समय लग सकता है, जिससे प्रवासियों और आम लोगों के लिए भी ऊर्जा के दाम बढ़ सकते हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.