कतर ने दुनिया में सबसे ज्यादा नेचुरल गैस (LNG) भेजने का अपना प्लान फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया है। यह फैसला होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कतर के एक गैस टैंकर पर हुए हमले के बाद लिया गया है। इस हमले की वजह से पूरे इलाके में तनाव बहुत बढ़ गया है।
टैंकर पर हुआ हमला और आग
जानकारी के मुताबिक 7 या 8 जुलाई 2026 को AL REKAYYAT नाम के कतरी टैंकर पर एक अज्ञात गोले से हमला हुआ। यह हमला ओमान के तट के पास हुआ, जिससे जहाज के पोर्ट साइड में आग लग गई। यह घटना तब हुई जब जहाज अहम समुद्री रास्ते से बाहर निकला था।
अमेरिका और सऊदी अरब की प्रतिक्रिया
इस हमले के बाद 8 जुलाई को अमेरिकी सेना ने ईरान के कुछ ठिकानों पर हमला किया। अमेरिका का आरोप था कि तीन जहाजों पर हमले के पीछे तेहरान का हाथ था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने का अंतरिम समझौता अब खत्म हो चुका है। वहीं, सऊदी अरब ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय जहाजों और दुनिया की ऊर्जा सप्लाई के लिए सीधा खतरा बताया है।
उत्पादन पर लगी रोक
कतरएनर्जी (QatarEnergy) के CEO साद अल-काबी ने रास लफ्फन कॉम्प्लेक्स में गैस उत्पादन बढ़ाने का काम रोकने का फैसला किया है। अब सुरक्षा के लिहाज से वहां बहुत कम काम होगा और आने वाले दिनों में कम जहाजों को डॉक करने की अनुमति दी जाएगी।
समुद्री रास्ते का खतरा
दुनिया की करीब 20 प्रतिशत LNG सप्लाई इसी रास्ते से होती है। इससे पहले मार्च 2026 में भी ईरानी ड्रोन हमलों की वजह से उत्पादन रोकना पड़ा था। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने जहाजों को होर्मुज के रास्ते से न जाने की सलाह दी है और वहां फंसे जहाजों को तुरंत निकालने की बात कही है।
