Qatar की बड़ी जीत, IPU मीटिंग में शांति प्रस्ताव पास, पहली बार किसी अरब देश ने किया कमाल

तुर्की के इस्तांबुल में चल रही 152वीं इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन (IPU) की बैठक में कतर ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। कतर द्वारा युद्धविराम और शांति प्रयासों के लिए दिए गए एक इमरजेंसी प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला और इसे एजेंडे में शामिल कर लिया गया। यह पहली बार हुआ है जब किसी अरब देश द्वारा लाए गए प्रस्ताव को इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठक में जगह मिली है।

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क्या है कतर का यह प्रस्ताव और इसमें क्या खास है?

कतर ने “मिडल ईस्ट और अन्य क्षेत्रों में युद्धविराम समझौतों को बनाए रखने और शांति स्थापित करने के लिए संसदीय प्रयासों की तत्काल आवश्यकता” नाम से प्रस्ताव पेश किया था। 17 अप्रैल 2026 को इसे आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया गया। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर की संसद के जरिए युद्ध को रोकना और राजनीतिक बातचीत को बढ़ावा देना है।

शूरा काउंसिल के स्पीकर हसन बिन अब्दुल्ला अल घानिम ने इस सफलता को कतर की संसदीय कूटनीति की एक बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि अब दुनिया भर की संसदें सिर्फ बयान देने के बजाय जमीन पर असर डालने वाले काम करना चाहती हैं ताकि युद्ध रुक सकें और शांति वापस आ सके।

किन देशों ने दिया साथ और बैठक में क्या चर्चा हुई?

इस प्रस्ताव को कतर के साथ ऑस्ट्रेलिया, तुर्की, फ्रांस, ब्राजील, जाम्बिया, पोलैंड, पुर्तगाल, इटली और आयरलैंड ने मिलकर पेश किया था। इसे अरब ग्रुप, अफ्रीकी ग्रुप और लैटिन अमेरिका और कैरिबियन ग्रुप का भी पूरा समर्थन मिला। बैठक के दौरान कतर ने ईरान के साथ तनाव की खबरों को भी खारिज किया और कहा कि गल्फ देशों की जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए नहीं होगा।

मुख्य विवरण जानकारी
इवेंट 152वीं IPU जनरल असेंबली
स्थान इस्तांबुल, तुर्की
तारीख 15 से 19 अप्रैल 2026
प्रस्ताव स्वीकृति 17 अप्रैल 2026
मुख्य थीम उम्मीद जगाना, शांति और न्याय सुनिश्चित करना
अन्य विषय AI टूल्स, दिव्यांग अधिकार और सामाजिक विकास

इस सम्मेलन में कतर के अन्य अधिकारियों ने सामाजिक विकास, दिव्यांगों के अधिकार और संसदीय काम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल जैसे विषयों पर भी चर्चा की। पूरी बैठक का मुख्य उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए शांति और न्याय सुनिश्चित करना रहा।