कतर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई है. तुर्किये के इस्तांबुल शहर में हुई इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन (IPU) की 152वीं महासभा में कतर ने मिडिल ईस्ट में शांति और युद्धविराम को लेकर एक इमरजेंसी प्रस्ताव पेश किया. इस बड़े कदम के लिए खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने कतर की जमकर तारीफ की है.

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कतर का यह प्रस्ताव कितना खास था और इसमें क्या था?

कतर की शुरा काउंसिल ने इस प्रस्ताव को पेश किया था, जिसका नाम “मिडिल ईस्ट और अन्य क्षेत्रों में युद्धविराम समझौतों को बनाए रखने और शांति हासिल करने के लिए समन्वित संसदीय प्रयासों की तत्काल आवश्यकता” था. यह पहली बार हुआ जब किसी अरब देश द्वारा प्रस्तावित इमरजेंसी आइटम को महासभा के एजेंडे में शामिल करने के लिए इतनी बड़ी मंजूरी मिली. 19 अप्रैल 2026 को इस प्रस्ताव को सभी देशों ने सर्वसम्मति से अपना लिया.

किन देशों ने दिया साथ और क्या बोले अधिकारी?

कतर ने यह प्रस्ताव अकेले नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया, तुर्किये, फ्रांस, ब्राजील, जाम्बिया, पोलैंड, पुर्तगाल, इटली और आयरलैंड जैसे देशों के साथ मिलकर पेश किया था. शुरा काउंसिल के स्पीकर हसन बिन अब्दुल्ला अल घनिम ने इसे कतर की संसदीय डिप्लोमेसी की एक बड़ी जीत बताया. उन्होंने कहा कि दुनिया भर की संसदें अब अंतरराष्ट्रीय संकटों को सुलझाने के लिए एक साथ आने की ज़रूरत को समझ रही हैं. वहीं डॉ. हमदा बिंत हसन अल सुलाइटी ने अंतरराष्ट्रीय विकास और डिजिटल हिंसा जैसी चुनौतियों पर अपनी बात रखी.

IPU में इमरजेंसी प्रस्ताव लाने के नियम क्या हैं?

IPU में कोई भी सदस्य संसद इमरजेंसी प्रस्ताव ला सकती है, लेकिन इसके लिए कुछ कड़े नियमों का पालन करना पड़ता है, जो नीचे दी गई टेबल में हैं:

शर्त विवरण
मंजूरी कुल वोटों का दो-तिहाई बहुमत जरूरी है
दस्तावेज एक संक्षिप्त ज्ञापन और ड्राफ्ट प्रस्ताव देना होता है
विषय मामला हालिया और गंभीर अंतरराष्ट्रीय चिंता वाला होना चाहिए
सीमा एजेंडे में केवल एक ही इमरजेंसी आइटम शामिल हो सकता है
समय प्रस्ताव फैसले से कम से कम 48 घंटे पहले जमा करना होता है
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.