अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, कतर और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी ने स्काई न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान के नेतृत्व ने उन्हें बड़ा धोखा दिया है। कतर पर अब तक 120 बैलिस्टिक मिसाइल, 63 ड्रोन और फाइटर जेट्स से हमले किए गए हैं। इन हमलों के कारण दोहा में कई धमाकों की आवाज़ सुनी गई और कतर का एयरस्पेस आंशिक रूप से बंद कर दिया गया है। इसका सीधा असर गल्फ में रहने वाले प्रवासियों और हवाई यात्रा करने वालों पर पड़ रहा है।

कतर और ईरान के बीच क्या हुआ?

कतर के प्रधानमंत्री ने बताया कि युद्ध शुरू होने के सिर्फ एक घंटे बाद ही कतर पर हमले शुरू हो गए थे। ईरान का कहना था कि वे सिर्फ मिलिट्री साइट्स को निशाना बना रहे हैं, लेकिन कतर के पीएम ने इसे गलत बताया है। कतर पर हुए हमलों का विवरण इस प्रकार है:

  • 120 बैलिस्टिक मिसाइल दागे गए
  • 63 ड्रोन का इस्तेमाल किया गया
  • दो Su-24 फाइटर जेट्स से हमला हुआ
  • 25% हमले आम लोगों से जुड़ी जगहों जैसे वाटर प्लांट और एयरपोर्ट पर हुए

अल जज़ीरा के रिपोर्टर मोहम्मद जमजूम ने 9 मार्च को दोहा के ऊपर 12 से 13 धमाकों की आवाज़ सुनी। कतर के एयर डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को हवा में ही रोक दिया जिससे बड़ी जान-माल की हानि नहीं हुई।

फ्लाइट्स और आम लोगों पर क्या असर पड़ा?

हमलों को देखते हुए कतर का एयरस्पेस आंशिक रूप से बंद है। Qatar Airways ने 9 से 11 मार्च तक अपनी फ्लाइट्स का शेड्यूल सीमित कर दिया है। इससे भारत और अन्य देशों से कतर आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कतर सरकार ने 9 मार्च से 70% सरकारी कर्मचारियों को घर से काम (Remote Work) करने का आदेश दिया है और केवल 30% कर्मचारी ही ऑफिस जाएंगे। इसके अलावा, पड़ोसी देश बहरीन में भी ड्रोन हमलों के कारण 32 लोग घायल हुए हैं और वहां की ऑयल कंपनी को काम रोकना पड़ा है।

ग्लोबल इकॉनमी और बातचीत का रास्ता

कतर के प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी है कि गल्फ के एनर्जी और ट्रांसपोर्ट हब पर हमला पूरी दुनिया की इकॉनमी के लिए एक बड़ा खतरा है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई के कार्यभार संभालने के बाद यह हमले और तेज हुए हैं। इतना सब होने के बावजूद, कतर का कहना है कि वे ईरान के साथ बातचीत जारी रखेंगे ताकि इस स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके। दोहा में जीवन अभी भी चल रहा है लेकिन लगातार मिसाइल रोके जाने की आवाज़ से लोग सतर्क और डरे हुए हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.