ईरान का पैसा कतर के बैंकों में जमा है और इसे लेकर काफी चर्चा चल रही है। कतर ने अब साफ़ किया है कि इस पैसे का इस्तेमाल सिर्फ ज़रूरी सामान खरीदने के लिए किया जाएगा। इसमें दवाइयां और खाने-पीने की चीज़ें शामिल होंगी ताकि आम लोगों की बुनियादी ज़रूरतें पूरी हो सकें।

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 29 जून 2026 को ऐलान किया कि कतर में जमा 12 बिलियन डॉलर में से 6 बिलियन डॉलर जारी किए जाएंगे। उन्होंने इसे ईरानी लोगों की एक बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि अभी कुल जमा पूंजी का आधा हिस्सा मिलने की बात हो रही है और बाकी फंड के लिए कोशिशें जारी हैं।

दूसरी तरफ, अमेरिका के अधिकारियों ने कहा है कि अभी तक कोई भी जमा पैसा जारी नहीं किया गया है। कतर ने भी आधिकारिक तौर पर इस पैसे के ट्रांसफर की बात नहीं मानी है।

इस पूरे मामले की कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • फंड का मैनेजमेंट: यह पैसा कतर के Al-Ahli और Dukhan बैंकों के जरिए मैनेज होगा।
  • कंट्रोल: पैसे तक पहुंच का कंट्रोल ईरान के सेंट्रल बैंक के पास रहेगा।
  • शर्तें: फंड को किस्तों में जारी करना विवादों को सुलझाने और कुछ तय लक्ष्यों को पूरा करने से जुड़ा है।

30 जून 2026 को ईरान के विशेषज्ञों की एक टीम दोहा पहुंची ताकि जमा फंड को निकालने पर चर्चा की जा सके। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के साथ किसी भी सीधी मीटिंग की बात से इनकार किया है। जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर Paul Musgrave ने कहा कि कतर में हो रही बातचीत एक सकारात्मक संकेत है।

जानकारी के मुताबिक, यह 6 बिलियन डॉलर पहले 2023 में दक्षिण कोरिया से कतर भेजे गए थे। उस समय इन्हें मानवीय मदद के लिए इस्तेमाल किया जाना था, लेकिन अक्टूबर 2023 के हमलों के बाद इन्हें फिर से फ्रीज कर दिया गया था।