Qatar में ईरान के तीन मिलिट्री पायलट छह महीने से कैद, जवाद सालेह और अन्य साथियों की रिहाई के लिए ईरान ने मांगी मदद.

खाड़ी देश कतर को लेकर ईरान की तरफ से एक बहुत बड़ी और हैरान करने वाली बात सामने आई है। ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के लापता लोगों की तलाश समिति के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद बघेरजादेह ने आधिकारिक तौर पर यह घोषणा की कि ईरान के तीन सैन्य पायलट पिछले छह महीने से कतर के बलों की हिरासत में हैं। इस घटना के सामने आने के बाद से मध्य पूर्व के राजनीतिक हालात में हलचल तेज हो गई है और दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
पायलटों की पहचान और मार्च की घटना
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक जिन पायलटों को कतर में हिरासत में रखा गया है उनके नाम Javad Salehi, Abdol-Majid Dashtian और Emran Behrushian हैं। ये तीनों पायलट 2 मार्च 2026 को Su-24 फाइटर जेट्स से जुड़े एक ऑपरेशन के दौरान लापता हो गए थे। उस समय कतर के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने अल उदेइद एयर बेस को निशाना बनाकर एक ऑपरेशन चलाया गया था जिसके बाद ये पायलट कतर की हिरासत में चले गए। इस मामले की पूरी जानकारी हाल ही में ईरान की मीडिया रिपोर्ट्स और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साझा की गई है जिसका जिक्र ANI News की रिपोर्ट में भी मिलता है।
अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन का आरोप
ईरान ने इस मामले को लेकर रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति के अध्यक्ष को एक बेहद जरूरी अपील भेजी है। इस पत्र में कतर पर अंतरराष्ट्रीय मानवीय मानकों और तीसरे जिनेवा कन्वेंशन का खुला उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। ईरानी प्रशासन का कहना है कि हिरासत में लिए गए इन तीनों पायलटों को उनके परिवारों से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है और ना ही उन्हें किसी भी प्रकार की कांसुलर मदद यानी राजनयिक पहुंच प्रदान की जा रही है जो कि युद्धबंदियों या हिरासत में रखे गए सैनिकों के अधिकारों के खिलाफ है।
रिहाई के लिए अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की मांग
अपने सैनिकों की सुरक्षित वापसी के लिए अब ईरान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से दखल देने की गुहार लगाई है। इस गंभीर घटनाक्रम और कतर द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी ANI News Report में दी गई है। ईरानी अधिकारी अब दुनिया भर के बड़े देशों और मंचों से यह मांग कर रहे हैं कि वे बीच में आएं और बातचीत के जरिए इन पायलटों की सकुशल रिहाई को सुनिश्चित करें ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे और परिवारों को राहत मिल सके।