कतर के रास लफान (Ras Laffan) इंडस्ट्रियल सिटी पर हुए मिसाइल हमलों ने दुनिया भर में गैस की सप्लाई को हिलाकर रख दिया है। इन हमलों की वजह से कतर की लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) उत्पादन क्षमता में 17 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई है। भारत के लिए यह खबर काफी चिंताजनक है क्योंकि भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 47 प्रतिशत गैस कतर से ही खरीदता है। कतर सरकार के अनुसार मरम्मत के काम में लंबा समय लग सकता है जिससे आने वाले सालों में गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं।

🚨: Indian Rupee Update: डॉलर के मुक़ाबले रुपया 93 के पार, अब 95 तक गिरने का डर, महंगा होगा पेट्रोल और इलेक्ट्रॉनिक सामान

हमले के बाद क्या है कतर की स्थिति और कब तक होगा सुधार?

कतर एनर्जी (QatarEnergy) के प्रमुख साद शेरिडा अल-काबी ने आधिकारिक बयान में बताया कि मिसाइल हमलों से फैसिलिटी को काफी नुकसान पहुंचा है। इस नुकसान की भरपाई और पूरी तरह मरम्मत करने में कम से कम 5 साल का समय लग सकता है। कतर सरकार ने कुछ गैस समझौतों पर लॉन्ग-टर्म फोर्स मेज्योर (Force Majeure) लागू कर दिया है। इस रुकावट से कतर को हर साल लगभग 20 बिलियन डॉलर की कमाई का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है। हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार बताया जा रहा है जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया है।

भारत पर इसका क्या असर होगा और क्या है आयात के आंकड़े?

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक कतर पर निर्भर है और यह नया संकट भारत के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है। हालांकि भारतीय अधिकारियों का कहना है कि अभी देश में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और सप्लाई में कोई बड़ी रुकावट दर्ज नहीं की गई है। लेकिन भविष्य में ग्लोबल मार्केट में गैस की सप्लाई कम होने से रेट बढ़ सकते हैं। नीचे दी गई टेबल में आप इस संकट से जुड़ी मुख्य जानकारियां देख सकते हैं:

विवरण जानकारी
घटना की तारीख 18 और 19 मार्च 2026
उत्पादन में कमी 17 प्रतिशत (अगले 5 साल के लिए)
सालाना राजस्व नुकसान 20 बिलियन डॉलर
भारत की निर्भरता कुल आयात का 47 प्रतिशत
भारत का आयात वॉल्यूम 11.30 मिलियन मीट्रिक टन
प्रमुख प्लांट रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी

इस संकट का असर सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश जैसे देशों पर भी पड़ेगा। Wood Mackenzie जैसी संस्थाओं का मानना है कि इस घटना से अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की सप्लाई काफी कम हो जाएगी। भारत की सबसे बड़ी गैस कंपनी Petronet LNG Ltd भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है क्योंकि उसे कतर से बड़ी मात्रा में गैस मिलती है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.