Qatar News: कतर ने ईरानी पायलटों के मुद्दे पर बातचीत के लिए खुला रखा दरवाजा, तेहरान के जवाब का इंतजार.

कतर की सरकार ने एक बार फिर से ईरान के सामने बातचीत का प्रस्ताव रखा है और साफ किया है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल के लिए देश के दरवाजे खुले हैं। 18 अगस्त 2026 को कतर के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि की है कि ईरान के साथ इस मामले पर चर्चा करने के लिए आमंत्रण अभी भी वैध है। यह पूरा मामला downed Iranian pilots यानी गिराए गए ईरानी पायलटों की स्थिति से जुड़ा हुआ है, जिस पर दोनों देशों के बीच लंबे समय से बातचीत रुक गई थी। कतर के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने यह प्रस्ताव इस साल अप्रैल 2026 में खोज और बचाव अभियान यानी search and rescue operations पूरा होने के बाद दिया था, लेकिन अभी तक तेहरान की तरफ से इस प्रस्ताव पर कोई भी आधिकारिक जवाब नहीं मिला है।
मार्च 2026 की घटना और कतर का आधिकारिक पक्ष
यह पूरा कूटनीतिक गतिरोध यानी diplomatic impasse एक बड़ी सैन्य घटना के बाद शुरू हुआ था। यह मामला मार्च 2026 का है जब ईरान के दो Su-24 फाइटर जेट्स ने कथित तौर पर कतर के हवाई क्षेत्र यानी airspace का उल्लंघन किया था, जिसके बाद उन्हें मार गिराया गया था। कतर की सरकार ने शुरू से ही यह बात कही है कि उनके सुरक्षा बलों द्वारा की गई यह कार्रवाई पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों के अनुसार थी। कतर के विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता Majed Al Ansari ने जानकारी दी थी कि देश की सर्च और रेस्क्यू टीमों ने बड़ी मेहनत के बाद एक पायलट के शव को ढूंढ निकाला था। इस मृत पायलट की पहचान Majid Kazemi के रूप में हुई है और कतर लगातार यह कोशिश कर रहा है कि इस पायलट के शव को सही तरीके से ईरानी अधिकारियों को सौंप दिया जाए ताकि अंतिम संस्कार से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी हो सकें।
ईरान के गंभीर आरोप और जिनेवा सम्मेलनों का हवाला
दूसरी तरफ, ईरान ने कतर के इस आधिकारिक बयान को सिरे से खारिज कर दिया है और अपनी ही कहानी सामने रखी है। 15 अगस्त 2026 को ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के लापता व्यक्तियों की खोज समिति के कमांडर General Mohammad Bagherzadeh ने एक बड़ा और गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना था कि उस मार्च की घटना के दौरान कतर की सेना ने तीन पायलटों को जिंदा पकड़ लिया था। इन तीनों पायलटों के नाम Javad Salehi, Abdolmajid Dashtian और Omran Behraveshian बताए गए हैं। ईरान का दावा है कि इन तीनों लोगों को पिछले छह महीनों से पूरी दुनिया से छिपाकर यानी incommunicado रखा गया है जो चार जिनेवा सम्मेलनों यानी Geneva Conventions का सीधा उल्लंघन है। इसके बाद 17 अगस्त 2026 को ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी इस बात को दोहराया कि जब तक इन तीनों की सही स्थिति साफ नहीं हो जाती, वे इन्हें कतर में युद्धबंदी यानी prisoners के रूप में ही देखेंगे।
रेड क्रॉस की मदद की गुहार और सैन्य अड्डे का एंगल
अपने नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित करने और उनसे मुलाकात करने के लिए ईरान ने 15 अगस्त 2026 को औपचारिक रूप से इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस यानी ICRC से संपर्क किया और उनसे मदद की गुहार लगाई। ईरानी अधिकारियों का यह भी दावा है कि उनके जो Su-24 जेट्स गिराए गए थे, वे असल में कतर में स्थित अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य अड्डे Al Udeid Air Base को निशाना बनाने वाले एक ऑपरेशन का हिस्सा थे। यह अमेरिकी बेस पूरे मध्य पूर्व यानी Middle East में अमेरिका का सबसे बड़ा मिलिट्री ठिकाना माना जाता है। इन तमाम गंभीर बयानों और दावों के बावजूद कतर सरकार अपनी बात पर कायम है और साफ इनकार करती है कि उनके पास मृत पायलट Majid Kazemi के अलावा किसी भी अन्य जीवित या मृत ईरानी पायलट को हिरासत में रखा गया है।