अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए कतर ने कमान संभाली है. दोनों देशों के बीच सैन्य हमलों के बाद अब कतर उन्हें बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहा है. इस कोशिश का मकसद परमाणु समझौते को फिर से शुरू करना और एक बड़े युद्ध को रोकना है.

कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman al-Thani ने गुरुवार, 9 जुलाई को ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araqchi से फोन पर बात की. उन्होंने दोनों देशों से अपील की कि वे कूटनीति का रास्ता अपनाएं और पहले से हुए समझौते (MoU) का पालन करें ताकि इस झगड़े को खत्म किया जा सके.

यह तनाव तब बढ़ा जब अमेरिका ने ईरान पर हमले किए और इसके जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले कर दिए. कतर के कैबिनेट ने 8 जुलाई को ईरान द्वारा कतरी टैंकर और अन्य खाड़ी देशों के हितों पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की थी.

इस मामले को शांत करने के लिए कतर के साथ-साथ अन्य क्षेत्रीय देश भी जुटे हुए हैं. इनमें मुख्य रूप से ये देश शामिल हैं:

  • पाकिस्तान
  • तुर्की
  • मिस्र
  • सऊदी अरब

ये सभी देश 8 जुलाई से अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों से फोन पर संपर्क बनाए हुए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बुधवार, 8 जुलाई को युद्धविराम खत्म होने की बात कही थी, लेकिन साथ ही उन्होंने पूरी जंग से बचने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की इच्छा जताई है.

दूसरी तरफ, 10 जुलाई को ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei को अंतिम विदा दी गई. उधर, 9 जुलाई को दक्षिणी ईरान में हुए धमाकों पर अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ये उनके नए हमले नहीं थे. उन्होंने बताया कि तनाव कम करने की कोशिशों की वजह से हमलों में फिलहाल रोक लगाई गई है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.