Democratic Republic of Congo (DRC) और Rwanda के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए Qatar ने एक अहम भूमिका निभाई है. हाल ही में Washington D.C. में हुई एक बड़ी मीटिंग के बाद यह खबर आई है कि दोनों देशों के बीच शांति की दिशा में धीरे-धीरे प्रगति हो रही है. इस पूरी प्रक्रिया में Qatar, अमेरिका और अफ्रीकी देशों ने मिलकर काम किया है ताकि इलाके में युद्ध रुके और स्थिरता आए.

शांति लाने के लिए अब तक कौन से बड़े समझौते हुए?

दोनों देशों और संबंधित समूहों के बीच शांति स्थापित करने के लिए पिछले कुछ समय में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों पर साइन किए गए हैं:

  • 27 जून 2025: Washington D.C. में एक मुख्य Peace Agreement साइन हुआ, जिसका मकसद लड़ाई को रोकना और तनाव कम करना था.
  • जुलाई 2025: Doha में ‘Declaration of Principles’ पर हस्ताक्षर हुए, जिसमें सरकार और AFC/M23 समूह ने युद्धविराम (ceasefire) की बात मानी.
  • नवंबर 2025: Doha में ‘Comprehensive Peace Agreement’ का ढांचा तैयार किया गया, जिसमें मानवाधिकारों और विस्थापित लोगों की वापसी पर जोर दिया गया.
  • 16 नवंबर 2025: DRC और M23 विद्रोहियों के बीच Doha में ही युद्धविराम की निगरानी के लिए एक डील हुई.

इस पूरी प्रक्रिया में Qatar और अन्य देशों की क्या भूमिका है?

Qatar इस पूरी शांति प्रक्रिया का एक मुख्य केंद्र बना हुआ है. Qatari अधिकारियों ने Congolese सरकार और AFC/M23 के बीच बातचीत को आसान बनाने के लिए लगातार प्रयास किए हैं. इस काम में अमेरिका, अफ्रीकी संघ आयोग (AU Commission) और टोगो (Togo) ने भी सहयोग किया है. यहाँ तक कि हाल की Doha बातचीत की मेजबानी Switzerland ने की थी.

23 अप्रैल 2026 को Washington D.C. में ‘Joint Oversight Committee’ की पांचवीं बैठक हुई. इस मीटिंग के बाद 24 अप्रैल को एक साझा बयान जारी किया गया, जिसमें बताया गया कि तनाव कम करने में “सावधानीपूर्वक प्रगति” हुई है. Rwanda ने भी इस शांति प्रक्रिया में Qatar की अहम भूमिका की सराहना की है.

शांति समझौते के बाद अब किन चीज़ों पर ध्यान दिया जा रहा है?

समझौतों के तहत अब ज़मीनी स्तर पर कुछ ज़रूरी कामों को पूरा किया जा रहा है:

  • युद्धविराम: बिना किसी शर्त के तुरंत लड़ाई रोकने की प्रतिबद्धता जताई गई है.
  • कैदियों की मदद: International Committee of the Red Cross (ICRC) को सभी कैदियों तक पहुँचने की सुविधा दी जा रही है.
  • नागरिक सुरक्षा: आम लोगों की सुरक्षा और मानवाधिकारों का ख्याल रखना इस प्रक्रिया का मुख्य हिस्सा है.
  • सुरक्षा व्यवस्था: 1 अक्टूबर 2025 से एक ‘Operation Order’ लागू किया गया, जिसे DRC और Rwanda ने मिलकर तैयार किया था.