Congo-Rwanda Peace: कतर की कोशिशों से DRC और रवांडा के बीच कम हुआ तनाव, शांति की दिशा में बढ़े कदम

Congo और Rwanda के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए कतर बड़ी भूमिका निभा रहा है. हाल ही में कतर, अमेरिका और अफ्रीकी देशों ने बताया कि दोनों देशों के बीच शांति की दिशा में धीमी लेकिन सकारात्मक प्रगति हुई है. इस पूरी कोशिश में Doha की मध्यस्थता सबसे अहम रही है.

शांति के लिए क्या कदम उठाए गए और अब तक क्या हुआ?

24 अप्रैल 2026 को जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया कि तनाव कम करने में सुधार हुआ है. इससे पहले 23 अप्रैल को Washington D.C. में एक अहम मीटिंग हुई थी. इस मीटिंग में कतर ने DRC और AFC/M23 के बीच चल रही बातचीत की ताज़ा जानकारी दी. वहीं Switzerland ने भी इन बातचीत को होस्ट करने में मदद की. DRC और रवांडा दोनों ने तनाव कम करने के लिए अपने-अपने प्रयासों की जानकारी साझा की.

पिछले कुछ समय में हुए अहम समझौते क्या हैं?

  • मार्च 2025: कतर के अमीर, DRC के राष्ट्रपति और रवांडा के राष्ट्रपति के बीच त्रिपक्षीय बैठक हुई थी, जिसमें तुरंत युद्धविराम की बात कही गई थी.
  • जून 2025: Washington D.C. में शांति और समृद्धि के लिए एक संधि पर हस्ताक्षर हुए थे.
  • जुलाई 2025: Doha में DRC और M23 के बीच स्थायी युद्धविराम के लिए सिद्धांतों पर सहमति बनी थी.
  • नवंबर 2025: Doha में एक व्यापक शांति समझौते के ढांचे पर साइन हुए, जिसमें कैदियों की रिहाई और मानवीय मदद की बात थी.
  • दिसंबर 2025: दोनों देशों के बीच एक ऐतिहासिक आर्थिक और शांति समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे.

अभी कौन सी चुनौतियां बाकी हैं?

कमेटी ने माना है कि Washington Peace Agreement को जमीन पर लागू करने में कुछ देरी हुई है. खास तौर पर FDLR सशस्त्र समूह को खत्म करने और रवांडा की सेनाओं को पीछे हटाने का काम अभी धीमा है. अब इन कामों को तेज़ी से पूरा करने के लिए सभी पार्टनर्स ने अपनी कोशिशें बढ़ाने का फैसला किया है.