Antalya Diplomacy Forum: कतर ने बताया दुनिया में शांति लाने का अपना तरीका, मंत्री अल-खुलाईफी ने की कई देशों से मुलाकात
तुर्की के अंताल्या में 5वें अंताल्या डिप्लोमेसी फोरम (ADF2026) का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में कतर के विदेश मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉ. मोहम्मद बिन अब्दुलअजीज अल-खुलाईफी ने हिस्सा लिया। उन्होंने दुनिया में चल रहे झगड़ों को बातचीत और भरोसे के जरिए सुलझाने पर जोर दिया। इस मौके पर कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी भी मौजूद रहे, जिन्हें तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोगन ने आमंत्रित किया था।
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कतर की मध्यस्थता के क्या हैं मुख्य नियम?
डॉ. अल-खुलाईफी ने बताया कि कतर के लिए मध्यस्थता सिर्फ एक काम नहीं बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। कतर की विदेश नीति का मुख्य आधार शांति है, जो देश के संविधान के अनुच्छेद 7 में भी लिखा है। उनकी रणनीति चार मुख्य बातों पर टिकी है जिसमें निष्पक्षता, विश्वसनीयता, सबको साथ लेकर चलना और कूटनीतिक धैर्य शामिल है। कतर पिछले 20 सालों से सभी पक्षों के साथ खुले संबंध रखकर दुनिया का भरोसा जीत रहा है।
फोरम के दौरान किन बड़े नेताओं से हुई मुलाकात?
इस फोरम के दौरान डॉ. अल-खुलाईफी ने कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। उन्होंने बोलिविया के विदेश मंत्री फर्नांडो अरामयो, संयुक्त राष्ट्र की रोजमेरी डिकार्लो और अमेरिका के मसाद बाउलस से अलग-अलग मुलाकात की। इसके अलावा, तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और कतर के अमीर शेख तमीम के बीच एक त्रिपक्षीय बैठक भी हुई। कतर और तुर्की के बीच गाजा जैसे मुद्दों पर साझा प्रयासों की बात भी सामने आई।
कतर ने पहले किन विवादों को सुलझाने में मदद की?
कतर ने दुनिया के कई मुश्किल झगड़ों को सुलझाने में बड़ी भूमिका निभाई है। चाड में शांति प्रक्रिया और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के बीच बातचीत कराना इसकी बड़ी मिसाल है। साल 2023 में अमेरिका और वेनेजुएला के बीच कैदियों की अदला-बदली कराने में भी कतर ने अहम मदद की थी। कतर का मानना है कि तनाव बढ़ने से बातचीत मुश्किल होती है, लेकिन ऐसे समय में मध्यस्थता की जरूरत और ज्यादा बढ़ जाती है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| फोरम का नाम | 5वां अंताल्या डिप्लोमेसी फोरम (ADF2026) |
| तारीख | 17 से 19 अप्रैल, 2026 |
| थीम | Mapping Tomorrow, Managing Uncertainties |
| स्थान | अंताल्या, तुर्की |
| कतर के प्रतिनिधि | अमीर शेख तमीम और डॉ. अल-खुलाईफी |
| मेजबान | राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोगन |
| कुल प्रतिभागी | 150 से अधिक देशों के प्रतिनिधि |
| मुख्य सिद्धांत | निष्पक्षता, विश्वसनीयता, समावेशिता और धैर्य |