अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को खत्म करने के लिए कतर ने एक बार फिर कमान संभाली है। 14 जून 2026 को कतर का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा, ताकि दोनों देशों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके। इस टीम का नेतृत्व प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman bin Jassim Al Thani के सलाहकार कर रहे हैं।
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ट्रम्प का बड़ा दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 14 जून को घोषणा की कि ईरान के साथ शांति समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस समझौते के बाद Strait of Hormuz को तुरंत फिर से खोल दिया जाएगा और अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध खत्म कर दिया है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अब परमाणु क्षमता हासिल नहीं करेगा। हालांकि, मीडिया रिपोर्टों में यह बात सामने आई है कि यह हस्ताक्षर ट्रम्प के रविवार के सार्वजनिक शेड्यूल में शामिल नहीं हैं।
ईरान का रुख और प्रतिक्रिया
दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने स्पष्ट किया कि हस्ताक्षर 15 जून को नहीं होंगे। लेकिन उन्होंने यह संकेत दिया कि आने वाले दिनों में एक समझौता ज्ञापन (MOU) फाइनल होने की संभावना काफी ज्यादा है। ईरान की Fars न्यूज़ एजेंसी ने भी बताया कि अमेरिका के साथ फ्रेमवर्क समझौते पर ईरान का अंतिम फैसला अभी रिव्यू के दौर में है।
संपत्ति और अंतरराष्ट्रीय समर्थन
ईरान के सुप्रीम लीडर के वरिष्ठ सलाहकार Mohsen Rezaei के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान की 24 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्ति को फ्री करने पर सहमति जताई है, हालांकि अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा है कि यह कदम समझौते के तहत तय शर्तों पर निर्भर करेगा।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने भी कहा कि युद्ध खत्म करने का समझौता अब बहुत करीब है और अगले 24 घंटों में यह फाइनल हो सकता है। कतर और कुवैत के विदेश मंत्रालय ने भी इस बातचीत का समर्थन किया है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही एक अंतिम समझौता हो जाएगा। इस संभावित डील पर चर्चा करने के लिए इसराइल की सुरक्षा कैबिनेट भी एक बैठक कर सकती है।