Qatar के विदेश मंत्रालय ने मौजूदा क्षेत्रीय संकट पर अपनी राय साफ़ कर दी है। मंत्रालय ने कहा कि Strait of Hormuz से जुड़े विवाद का हल मुख्य रूप से क्षेत्रीय देशों को मिलकर निकालना चाहिए। कतर का मानना है कि बातचीत ही वह एकमात्र रास्ता है जिससे ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष को रोका जा सकता है और शांति बहाल की जा सकती है।

Strait of Hormuz संकट पर Qatar का क्या कहना है?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Dr. Majed Al-Ansari ने बताया कि खाड़ी देशों और सप्लाई चेन से जुड़े सभी देशों को मिलकर समाधान ढूंढना होगा। उन्होंने साफ़ किया कि Strait of Hormuz की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता और किसी भी तरह की उकसावे वाली कार्रवाई का विरोध किया गया है। कतर ने इस जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए किसी भी तरह की शर्त लगाने या इसे राजनीति के लिए इस्तेमाल करने का विरोध किया है।

शांति के लिए कतर ने क्या कदम उठाए हैं?

कतर ने ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे नाजुक ceasefire (युद्धविराम) को बनाए रखने पर जोर दिया है। Doha ने तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान द्वारा की जा रही मध्यस्थता का पूरा समर्थन किया है। साथ ही, GCC फ्रेमवर्क के तहत क्षेत्रीय जुड़ाव को बढ़ावा देने की बात कही है। इस मामले में Qatar के अमीर ने ओमान के सुल्तान Sultan Haitham bin Tarik से फोन पर बात कर समुद्री सुरक्षा पर चर्चा की है।

मुख्य बिंदु विवरण
तारीख 14 अप्रैल 2026
मुख्य प्रवक्ता Dr. Majed Al-Ansari
विवादित क्षेत्र Strait of Hormuz
मध्यस्थ देश Pakistan
प्रमुख संगठन Gulf Cooperation Council (GCC)
शामिल देश Iran, USA, Qatar, Oman

अन्य क्षेत्रीय विवादों पर क्या है कतर का रुख?

कतर ने लेबनान में तनाव कम करने और वहां चल रहे इजरायली युद्ध को खत्म करने के प्रयासों का समर्थन किया है। मंत्रालय ने सभी पक्षों से संयम बरतने और शांतिपूर्ण तरीके से विवादों को सुलझाने की अपील की है। कतर का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय प्रयासों से ही तनाव को कम किया जा सकता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.