कतर में रहने वाले लोगों के लिए एक ज़रूरी खबर है. क्षेत्र में बढ़ते तनाव और मिसाइल अलर्ट के बीच कतर सरकार ने लोगों से अपने घरों और सुरक्षित जगहों पर रहने की अपील की है. यह स्थिति अमेरिका और ईरान के बीच चल रही सैन्य कार्रवाई के कारण बनी है, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल है.
🚨: Qatar Security Alert: अमेरिका के ईरान हमले के बाद कतर में हाई अलर्ट, मोबाइल पर आए चेतावनी वाले मैसेज।
9 जुलाई 2026 को कतर और बहरीन दोनों देशों में मिसाइल अलर्ट जारी किया गया. कतर में लोगों के मोबाइल फोन पर सुरक्षा चेतावनी भेजी गई थी, जिसके 10 मिनट बाद खतरा टलने का मैसेज आया. बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी सायरन बजाकर लोगों को शांत रहने और तुरंत पास की सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा.
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब अमेरिका ने 7 और 8 जुलाई 2026 को ईरान पर हवाई हमले किए. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि इन हमलों का मकसद हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखना था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि ईरान के साथ युद्धविराम अब खत्म हो चुका है और चेतावनी दी कि अगर जहाजों पर हमले फिर हुए तो हालात और खराब होंगे.
जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने क्षेत्र में 85 अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए. इन हमलों में बहरीन का फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय और कुवैत का अली अल-सलेम एयर बेस भी शामिल था. कुवैत की सेना ने भी पुष्टि की कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोनों को रोकने की कोशिश की.
कतर के न्याय मंत्री इब्राहिम बिन अली अल मोहन्नादी ने कहा कि देश की संस्थाएं इन हालातों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और उन्होंने कुशल प्रतिक्रिया दी है. साथ ही कतर ने बहरीन और कुवैत पर हुए हमलों की निंदा की है और बातचीत के ज़रिए मामला सुलझाने की बात कही है.
वहां रहने वाले प्रवासियों और भारतीय समुदाय के लिए यह समय बहुत सावधानी बरतने का है. ब्रिटेन सरकार ने अपने नागरिकों को स्थानीय प्रशासन की बात मानने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है. अमेरिका ने कतर के लिए ‘लेवल 3: यात्रा पर पुनर्विचार करें’ की चेतावनी जारी की है. अमेरिकी दूतावास ने मार्च 2026 से ही अपने गैर-जरूरी कर्मचारियों को कतर छोड़ने का आदेश दिया था ताकि उन्हें किसी युद्ध जैसी स्थिति का सामना न करना पड़े.
