Qatar में आउटडोर काम का नियम खत्म, भारतीय मजदूर काम पर जाने से पहले शेड्यूल जरूर कर लें चेक

Sushma Kumari14 September 20263 min read38 viewsQatar
Qatar में आउटडोर काम का नियम खत्म, भारतीय मजदूर काम पर जाने से पहले शेड्यूल जरूर कर लें चेक

कतर में खुले आसमान के नीचे और धूप में काम करने वाले सभी कामगारों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। कतर सरकार द्वारा गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए जो दोपहर के समय काम करने पर रोक लगाई गई थी, वह अब समाप्त होने जा रही है। यह नियम उन सभी मेहनतकश लोगों के लिए बनाया गया था जो बाहर रहकर कड़ी धूप में मेहनत करते हैं ताकि उन्हें तेज धूप और हीट स्ट्रेस जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाया जा सके। इस नियम के खत्म होने के बाद अब कंपनियों और नियोक्ताओं द्वारा काम के समय में बदलाव किए जाने की पूरी संभावना है। ऐसे में जो लोग भी इस देश में रहकर अपनी रोजी-रोटी कमा रहे हैं, उन्हें अपनी ड्यूटी पर जाने से पहले पूरी जानकारी जुटा लेनी चाहिए ताकि किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

कतर में दोपहर के काम पर लगी रोक का समय और नियम

कतर के श्रम मंत्रालय द्वारा मिनिस्ट्रियल डिसीजन नंबर 17 के तहत यह नियम लागू किया गया था जिसके अनुसार खुले या हवादार न होने वाले खुले इलाकों में सुबह 10:00 am से दोपहर 3:30 pm तक काम करने पर पूरी तरह से पाबंदी थी। यह नियम हर साल की तरह इस बार भी 1 June से लगातार लागू चला आ रहा था ताकि मजदूरों को चिलचिलाती धूप और चिलचिलाती गर्मी से बचाया जा सके। इस नियम के दायरे में कंस्ट्रक्शन यानी निर्माण कार्य, मैंटेनेंस, लॉजिस्टिक्स, लैंडस्केपिंग और डिलीवरी जैसे तमाम क्षेत्र शामिल थे। इस नियम के हटने से उन लाखों भारतीय प्रवासियों को भी सीधा असर पड़ेगा जो कतर की इन तमाम कंपनियों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और पसीना बहा रहे हैं।

कामगारों के लिए नया शेड्यूल और जरूरी सलाह

भले ही यह मौसमी दोपहर का प्रतिबंध समाप्त हो रहा है लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि सभी कर्मचारी अपनी पुरानी शिफ्ट या पुराने समय पर वापस लौट जाएंगे। कंपनियां और मालिक लोग 16 September से अपने हिसाब से नए काम के घंटे और शेड्यूल लागू कर सकते हैं। इसलिए सभी कामगारों को यह सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह का अनुमान अपने मन से न लगाएं। अपनी ड्यूटी के नए समय को जानने के लिए अपने सुपरवाइज़र, एचआर डिपार्टमेंट या फिर साइट मैनेजर से आधिकारिक माध्यमों द्वारा जरूर बात करें। कई कंपनियाँ काम की जरूरत और आंतरिक सुरक्षा नीतियों के तहत सुबह-सुबह या फिर शाम के समय की शिफ्ट चलाना जारी रख सकती हैं ताकि कामगारों पर गर्मी का असर कम से कम पड़े।

आवागमन और ओवरटाइम से जुड़ी जरूरी बातें

ड्यूटी के समय के साथ-साथ बस के आने-जाने के समय, ट्रांसपोर्टेशन रोस्टर और ओवरटाइम के नियमों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। कामगारों को इन सभी चीजों की पुष्टि पहले ही कर लेनी चाहिए ताकि सुबह-सुबह ड्यूटी पर पहुंचने में किसी भी प्रकार की कन्फ्यूजन न हो। अगर समय पर सही जानकारी नहीं मिलती है तो दफ्तर या काम की जगह पर पहुंचने में लेट-लफीती हो सकती है जिससे मजदूरों को अनावश्यक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए समझदारी इसी में है कि कंपनी के अधिकारियों से मिलकर सारी स्थिति को अच्छी तरह से समझ लिया जाए।

गर्मी से बचाव के नियम अब भी रहेंगे जारी

भले ही दोपहर की पाबंदी की अवधि समाप्त हो रही है लेकिन श्रम मंत्रालय और सार्वजनिक कार्य प्राधिकरण यानी अशघल का साफ कहना है कि मजदूरों की सेहत और सुरक्षा से जुड़े नियम अभी भी सख्ती से लागू रहेंगे। ठेकेदारों और कंपनियों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे काम की जगह पर छायादार विश्राम स्थल, पीने के लिए साफ और ठंडा पानी, पर्सनल प्रोटेक्टिव यानी सुरक्षा उपकरण और फर्स्ट-एड की सुविधा हमेशा मुहैया कराते रहें। सितंबर महीने के आखिरी दिनों में भी कतर में तापमान और उमस काफी ज्यादा बनी रहती है जिससे डिहाइड्रेशन और अत्यधिक थकान का खतरा बना रहता है। कामगारों को चाहिए कि यदि उन्हें चक्कर आना, जी मिचलाना, ज्यादा थकान या सिरदर्द जैसी कोई भी समस्या महसूस हो तो वे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और अपना इलाज करवाएं।

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