अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान ने बीच-बचाव की कोशिशें तेज कर दी हैं। इस महत्वपूर्ण मिशन में अब कतर ने भी अपना पूरा समर्थन देने का ऐलान किया है। कतरी प्रधानमंत्री ने साफ किया है कि वे पाकिस्तान के इन प्रयासों के साथ हैं ताकि दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू हो सके और दुनिया में शांति बनी रहे।

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पाकिस्तान और कतर की क्या है योजना?

कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman Al Thani ने कहा है कि वे पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों का पूरा समर्थन करते हैं। उनका मानना है कि बातचीत और शांतिपूर्ण तरीकों से ही इस संकट को हल किया जा सकता है।

  • पाकिस्तान का प्रयास: प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और विदेश मंत्री Ishaq Dar इस दिशा में काम कर रहे हैं कि क्षेत्र में स्थिरता आए।
  • कूटनीतिक चर्चा: पाकिस्तानी विदेश मंत्री Ishaq Dar ने कतर के राज्य मंत्री Mohammad bin Abdulaziz Al-Khulaifi से बात की और क्षेत्रीय चुनौतियों को सुलझाने के लिए संवाद को जरूरी बताया।
  • प्रमुख शर्त: कतरी प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही का अधिकार एक ऐसा सिद्धांत है जिस पर कोई समझौता नहीं हो सकता।

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की क्या स्थिति है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने पुष्टि की है कि पाकिस्तान की मदद से अमेरिका के साथ बातचीत जारी है। हालांकि, उन्होंने अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता पर सवाल भी उठाए हैं।

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने बातचीत का बचाव करते हुए कहा कि आर्थिक दबाव बहुत अधिक है और ईरान हमेशा के लिए टकराव की स्थिति में नहीं रह सकता। इसी बीच, पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री Mohsin Naqvi पिछले तीन दिनों से तेहरान में हैं ताकि ईरान और अमेरिका के बीच शांति बनी रहे। पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि अभी मुख्य लक्ष्य युद्धविराम को बरकरार रखना है क्योंकि बातचीत का समय तेजी से कम हो रहा है।

UAE में ड्रोन हमले और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

इसी तनाव के बीच UAE के Barakah Nuclear Power Plant के बाहरी इलाके में एक ड्रोन हमला हुआ। पाकिस्तान ने इस घटना की कड़ी निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया। कतरी प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर UAE के विदेश मंत्री से चर्चा भी की है। गौरतलब है कि 8 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान की मध्यस्थता से दो हफ्ते का युद्धविराम लागू हुआ था, जिसे बाद में बढ़ाया गया। पाकिस्तान को उम्मीद है कि जल्द ही एक स्थायी शांति समझौता हो जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

पाकिस्तान और कतर US-Iran विवाद में क्या भूमिका निभा रहे हैं?

पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है ताकि युद्धविराम को स्थायी शांति समझौते में बदला जा सके। कतर ने पाकिस्तान के इन प्रयासों को अपना पूरा समर्थन दिया है।

ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत पर क्या कहा है?

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि आर्थिक दबाव के कारण बातचीत जरूरी है। हालांकि, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता पर संदेह जताया है।