कतर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों ने एक फोन कॉल के जरिए खाड़ी देशों और दुनिया के मौजूदा हालातों पर चर्चा की. इस बातचीत में सबसे मुख्य मुद्दा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करना रहा. पाकिस्तान इस मामले में बीच-बचाव की कोशिश कर रहा है ताकि इलाके में शांति और सुरक्षा बनी रहे.

अमेरिका और ईरान के बीच शांति के लिए पाकिस्तान की कोशिशें

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Mohammad Shahbaz Sharif और कतर के प्रधानमंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman bin Jassim Al-Thani ने बातचीत की. कतर ने इस बात की सराहना की कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम (ceasefire) कराने की कोशिश कर रहा है. कतर सरकार ने साफ कहा कि वह पाकिस्तान के इस शांति प्रयास का पूरा समर्थन करती है ताकि एक स्थाई शांति समझौता हो सके. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भी कहा कि उनका देश बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए विवाद सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है.

क्षेत्रीय सुरक्षा और कतर-पाकिस्तान आपसी संबंध

दोनों नेताओं ने अपने आपसी द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग से ही लंबे समय तक स्थिरता लाई जा सकती है और तनाव को बढ़ने से रोका जा सकता है. इसी दौरान पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री Ishaq Dar और कतर के मंत्री Mohammad bin Abdulaziz Al-Khulaifi के बीच भी एक अलग बातचीत हुई, जिसमें मिडिल ईस्ट के तनाव को कम करने के लिए संवाद की जरूरत बताई गई.

UAE में ड्रोन हमले पर कतर का बयान

इसी समय के आसपास UAE के Barakah परमाणु बिजली संयंत्र के पास ड्रोन हमला हुआ था. कतर ने इस हमले की कड़ी निंदा की और UAE के साथ अपनी पूरी एकजुटता जताई. कतर ने कहा कि वह UAE की संप्रभुता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए उठाए गए सभी कदमों का समर्थन करता है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

कतर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों ने किस बारे में बात की?

दोनों नेताओं ने अपने आपसी रिश्तों को मजबूत करने और अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे मध्यस्थता के प्रयासों पर चर्चा की.

UAE ड्रोन हमले पर कतर का क्या रुख है?

कतर ने UAE के Barakah पावर प्लांट के पास हुए ड्रोन हमले की निंदा की और UAE की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए अपना पूरा समर्थन दिया.